फिरोजाबाद में नीम करोली बाबा के जन्मस्थली पर बनेगा भव्य कॉरिडोर, UP में योगी सरकार का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार नीम करोली बाबा से जुड़े फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, वृंदावन और लखनऊ के प्रमुख स्थानों को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी कर रही है।

Sachin Singh
Published on: 17 Sept 2026 4:39 PM IST
फिरोजाबाद में नीम करोली बाबा के जन्मस्थली पर बनेगा भव्य कॉरिडोर, UP में योगी सरकार का बड़ा फैसला
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Neem Karoli Baba Birthplace: नीम करोली बाबा के भक्तों के बीच उत्तराखंड का कैंची धाम उनकी सबसे प्रसिद्ध पहचान है। लेकिन बाबा के शुरूआती जीवन की कहानी उत्तर प्रदेश से भी गहराई से जुड़ी हैं। उत्तर प्रदेश में ही उनका जन्म हुआ था, माना जाता है कि उन्होंने यहां कई सालों तक तपस्या की थी और वृंदावन में उनकी समाधि भी स्थित है।

अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार नीम करोली बाबा से जुड़े इन सभी प्रमुख स्थानों को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की तैयारी कर रही है। सरकार की योजना बाबा की जन्मस्थली फिरोजाबाद को बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इसके साथ ही फर्रुखाबाद, वृंदावन और लखनऊ में बाबा से जुड़े स्थानों को भी एक बड़े धार्मिक पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

फिरोजाबाद में जन्मस्थली पर बनेगा भव्य कॉरिडोर

पर्यटन विभाग के अधिकारी विशाल श्रीवास्तव के मुताबिक, फिरोजाबाद में नीम करोली बाबा की जन्मस्थली पर एक भव्य कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए करीब 87.5 बीघा जमीन चिन्हित किए जाने की बात सामने आई है।

अधिकारी के मुताबिक, इस जमीन का सर्किल रेट बढ़ाकर करीब 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर किया गया है। प्रस्तावित योजना में जन्मस्थली पर भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक बेहतर धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।

डिजिटल म्यूजियम से जान सकेंगे बाबा की जीवन यात्रा

प्रोजेक्ट में एक डिजिटल म्यूजियम भी बनाने की योजना है। इसके जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नीम करोली बाबा के जीवन, उनके आध्यात्मिक सफर और उनसे जुड़ी जानकारी को समझने का मौका मिलेगा। इसके अलावा यहां मीटिंग हॉल, मल्टी-लेवल पार्किंग, सामुदायिक रसोई, फूड कोर्ट और इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनने की बात कही गई हैं।

फर्रुखाबाद में तपस्या स्थल भी होगा विकसित

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना सिर्फ बाबा की जन्मस्थली तक सीमित नहीं है। फर्रुखाबाद के नीब करौरी गांव, जिसे संकिसा के नाम से भी जाना जाता है, में भी विकास की योजना बनाई गई है। मान्यता है कि नीम करोली बाबा ने यहां करीब 12 साल तक तपस्या की थी। इसी जगह से वह नाम भी जुड़ा है, जिससे बाद में वह पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हुए। इलाके में नीब करौरी नाम का रेलवे स्टेशन भी मौजूद है।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही

पर्यटन विभाग के मुताबिक, प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जमीन मालिकों को सरकार के नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मुआवजा संबंधित जमीन की कीमत का चार गुना तय किया गया है।

कौन थे नीम करोली बाबा?

नीम करोली बाबा का जन्म करीब 1900 में फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में लक्ष्मी नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। वह भगवान हनुमान के बड़े भक्त माने जाते हैं और आध्यात्मिक गुरु तथा गृहस्थ संत के रूप में याद किए जाते हैं।

नीम करोली बाबा विवाहित थे। उनके दो बेटे और एक बेटी थी। उनके दोनों बेटे अनीक शर्मा और धर्म नारायण शर्मा अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी बेटी गिरिजा भाटेले बाबा से जुड़े संस्थानों के प्रबंधन से जुड़ी हुई हैं। बाबा से जुड़े संस्थानों का प्रबंधन श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट करता है। गिरिजा भाटेले इस ट्रस्ट की प्रमुख हैं।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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