दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव ने क्यों दी जान? नोएडा के घर में मिला शव, सुसाइड नोट में ये है खास

Rakesh Mehta Suicide: दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा स्थित घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घर से उनका शव और सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 8 Sept 2026 10:26 PM IST
Former Delhi Chief Secretary Rakesh Mehta Dies by Suicide in Noida
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Image Source- Social Media

Rakesh Mehta Suicide: दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव (Former Delhi Chief Secretary) और 1975 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश मेहता की मौत से हड़कंप मच गया है। 74 वर्षीय राकेश मेहता ने 6 सितंबर को कथित तौर पर नोएडा के सेक्टर 82 स्थित अपने घर में आत्महत्या (Suicide) कर ली। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के वक्त उनकी पत्नी सुमंती मेहता अपने बेटे से मिलने देहरादून गई हुई थीं।

बताया जा रहा है कि राकेश मेहता की पत्नी ने उन्हें लगातार फोन किया, लेकिन जब काफी देर तक उन्होंने फोन नहीं उठाया तो उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई।

अंदर से बंद था फ्लैट का दरवाजा

पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को डायल-112 (Dial 112) पर सूचना मिलने के बाद थाना फेस-2 पुलिस की टीम नोएडा के सेक्टर 82 स्थित फ्लैट पर पहुंची। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने देखा कि फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था।

इसके बाद पुलिस टीम ने गेट तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया। अंदर राकेश मेहता का शव छत के पंखे (Ceiling Fan) से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और जरूरी सबूत जुटाए।

मौके से मिला सुसाइड नोट

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट (Suicide Note) भी बरामद हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, नोट में राकेश मेहता ने अपनी मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं (Mental and Health Issues) का हवाला दिया है। इसी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाने की बात कही है।

पुलिस अब इस नोट और घटनास्थल से मिले दूसरे सबूतों के आधार पर आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले में हर पहलू को देख रही है।

रहे थे दिल्ली के मुख्य सचिव

राकेश मेहता दिल्ली प्रशासन में लंबे समय तक अहम जिम्मेदारियां संभालने वाले अधिकारियों में शामिल रहे। वह पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान तीन साल से ज्यादा समय तक दिल्ली के मुख्य सचिव (Delhi Chief Secretary) रहे।

उन्होंने साल 2007 में दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला था और नवंबर 2010 में इस पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके कार्यकाल के दौरान ही साल 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) का आयोजन हुआ था। इस दौरान दिल्ली प्रशासन के सामने बड़े स्तर पर तैयारियों और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी थी।

बिजली समेत कई परियोजनाओं में अहम भूमिका

पूर्व सहयोगियों के मुताबिक, राकेश मेहता ने दिल्ली सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था। उनके कार्यकाल में दिल्ली में कई प्रमुख परिवहन (Transport), बिजली (Power) और नागरिक बुनियादी ढांचा (Civic Infrastructure) परियोजनाओं को लागू किया गया।

पूर्व सहयोगियों के अनुसार, साल 2007 से नवंबर 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव रहते हुए उन्होंने 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान दिल्ली प्रशासन की अहम जिम्मेदारी संभाली थी। उनके प्रशासनिक अनुभव और काम को लेकर उन्हें दिल्ली की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जोड़ा जाता है।

लोधी रोड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार

राकेश मेहता का अंतिम संस्कार सोमवार को दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर किया गया। उनकी मौत के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी शोक का माहौल है।

फिलहाल नोएडा पुलिस आत्महत्या (Suicide Case) के पीछे की परिस्थितियों की जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में पूर्व मुख्य सचिव ने यह कदम उठाया। घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट और अन्य सबूतों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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