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Minor Murder Case UP: गोपाल हत्याकांड में पुलिस सख्त, आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई
Jewar Murder Case: ग्रेटर नोएडा के जेवर में 15 वर्षीय गोपाल हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में दो आरोपी घायल हुए, जबकि प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।
Jewar Murder Case (Image Credit-Social Media)
ग्रेटर नोएडा। जेवर क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग गोपाल हत्याकांड का खुलासा करते हुए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद थाना जेवर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ की भी खबर आई है। जिसके बाद आरोपी घायल हो गए वहीं तीसरे आरोपी को कॉम्बिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है।
गोपाल के लापता होने से शव बरामदगी तक जानिए कैसे उठा हत्याकांड से पर्दा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचे और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। वहीं प्रशासन द्वारा आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, 22 मई 2026 को गोपाल के परिजनों ने थाना जेवर में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि 21 मई को गोपाल घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा।
इस पर थाना जेवर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को 22 मई की रात ग्राम रोही स्थित एक खाली मकान से नाबालिग का शव बरामद हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों नरेश, उमेश कुमार और मोहित की पहचान की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतक गोपाल पहले साथ बैठकर हुक्का पिया करते थे।
हुक्का विवाद बना हत्या की वजह
कुछ समय पहले गोपाल की दादी ने आरोपियों के घर जाकर उन्हें फटकार लगाई थी और कहा था कि वे नाबालिग की संगत खराब कर रहे हैं। इसी बात को लेकर आरोपी नाराज थे और अपने अपमान का बदला लेना चाहते थे। पुलिस के मुताबिक, 21 मई को गोपाल दोबारा आरोपियों के संपर्क में आया। आरोपियों ने उसे अपने पास बुलाया और हुक्के में अधिक मात्रा में तंबाकू डालकर पिलाया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
जेवर पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़
घटना के खुलासे के दौरान 27 मई को थाना जेवर पुलिस साबौता अंडरपास के नीचे चेकिंग कर रही थी। तभी बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में नरेश और उमेश घायल हो गए, जबकि तीसरे आरोपी मोहित को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। रिपोर्ट में सिर पर चोट का एक निशान मिला है, जबकि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे अन्य आरोपों को पुलिस ने असत्य बताया है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।


