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UP News: संविधान नहीं, अखिलेश खतरे में हैं’: विपक्षी एकता के आह्वान पर सपा प्रमुख पर ओपी राजभर का हमला
UP News: ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के विपक्षी एकता के आह्वान पर पलटवार किया। राज्यसभा चुनाव, पीडीए और सपा की राजनीति को लेकर राजभर ने कई सवाल उठाए।
UP News (Image Credit-Social Media)
लखनऊ, 2 अक्टूबर। राज्यसभा चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जोरदार पलटवार किया है। राजभर ने कहा कि 2017 से अखिलेश यादव लगातार कह रहे हैं कि संविधान खतरे में है। जबकि सच यह है कि संविधान सुरक्षित है और खतरे में खुद अखिलेश यादव हैं।
‘चार बार यादव को बनाया मुख्यमंत्री, मुस्लिम की नहीं आई याद’
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 20 प्रतिशत आबादी वाले मुसलमानों ने वोट देकर चार बार यादव को मुख्यमंत्री बनाया लेकिन अखिलेश यादव के मन में एक बार भी यह विचार नहीं आया कि कम से कम किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए। राजभर ने सपा अध्यक्ष की राजनीति पर भी सवाल उठाया।
‘सपा के लिए भाईचारे का नहीं, दौलत का चुनाव’
अखिलेश यादव के ‘भाईचारे के चुनाव’ वाले बयान पर ओपी राजभर ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह भाईचारे का चुनाव नहीं, बल्कि दौलत का चुनाव है। वहीं पीडीए को लेकर राजभर ने कहा कि इसमें परिवारवाद हावी है। राजभर ने रामगोपाल, दौलतमंद का जिक्र करते हुए कहा कि बस अब ‘अपराधी’ का नाम घोषित किया जाना बाकी है।
2022 में मेरी वजह से सीटें बढ़ीं- राजभर
राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर कहा कि दोनों 2017 के विधानसभा चुनाव में भी मिलकर लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि यादव और मुस्लिम वोट के साथ कांग्रेस का वोट भी गठबंधन में शामिल था, लेकिन सपा 47 सीटों पर ही जीत सकी।
मंत्री राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वह सपा के साथ थे और पार्टी 125 सीटों तक पहुंची। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकरनगर की पांचों सीटें, आजमगढ़ की दस सीटें, गाजीपुर की सात सीटें, बलिया, मऊ समेत कुल 62 सीटों पर सपा को जीत सुभासपा की वजह से मिली।
‘अब अखिलेश को पता है सरकार नहीं आने वाली’- राजभर
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आज अखिलेश यादव को सहारा देने वाला कोई नहीं है। उन्हें पता चल चुका है कि उनकी सरकार नहीं आने वाली है। इसी वजह से वे अपने लिए व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।


