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Pilibhit News: बूंदीभुड़ में शराब की दुकान को लेकर बैकफुट पर आया जिलाप्रशासन, शिफ्ट करने की तैयारी
Pilibhit News: पीलीभीत के बूंदीभुड़ क्षेत्र में शराब की दुकान को लेकर विरोध के बाद जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। अब दुकान को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
Pilibhit News(Photo-Social Media)
Pilibhit News: यूपी के पीलीभीत जनपद में जहाँ शराब की दुकान को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुआ टकराव अब शांत होता नजर आ रहा है। दरअसल बीते दिनों शराब की दुकान खुलवाने पहुंची आबकारी टीम, एसडीएम और पुलिस के साथ ग्रामीणों की तीखी झड़प और मारपीट हुई थी। पुलिस के लाठीचार्ज और ग्रामीणों पर दर्ज हुई एफआईआर के बाद जैसे ही विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन को घेरा जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह फौरन हरकत में आए डीएम ने खुद गांव में चौपाल लगाई और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच होगी।
इतना ही नहीं गांव से शराब की दुकान हटाकर उसे अन्य जगह शिफ्ट करके अब वहां युवाओं के भविष्य के लिए इंटर कॉलेज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। ये तस्वीरें पीलीभीत जिले के माधौटाडा क्षेत्र स्थित बूँदीभूड़ गांव की हैं, जहां कुछ दिन पहले तक आक्रोश और हंगामे का माहौल था। शराब की दुकान का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर जब खाकी का डंडा चला, तो मामला राजनीतिक गलियारों तक जा पहुंचा। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक फेलियर करार देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया और गांव मे ग्रामीणों पर दर्ज हुए केस को लेकर पुलिस के रैवये की घोर निंदा की।
जिसको लेकर दबाव बढ़ता देख डीएम ज्ञानेंद्र सिंह लाव-लश्कर के साथ पीड़ित गांव पहुंचे और चौपाल लगाकर ग्रामीणों के जख्मों पर मरहम लगाने पहुच गए। डीएम ने भावुकता भरे अंदाज में ऐलान किया कि गांव के भीतर अब शराब की दुकान नहीं खुलेगी। बल्कि उस जमीन पर अब छात्र-छात्राओं के लिए इंटर कॉलेज बनाया जाएगा। डीएम ने इसके लिए शासन को विधिवत प्रस्ताव भी भेज दिया है। हालांकि सवाल अब भी बरकरार है कि क्या ये कदम पहले नहीं उठाया जा सकता था। अगर ग्रामीणों के ज्ञापन पर समय रहते कार्रवाई की जाती और दुकान गांव के बाहर शिफ्ट कर दी जाती तो न तो पुलिस की लाठियां चलतीं और न ही निर्दोष ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज होते। फिलहाल प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी तरह बैकफुट पर है।


