Pilibhit गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का बड़ा आंदोलन, राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास का घेराव

Pilibhit News : पीलीभीत में गन्ना भुगतान और बंद मिलों को लेकर किसानों का बड़ा आंदोलन, हजारों किसानों ने राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास का घेराव किया

Pranjal Gupata
Published on: 6 Jun 2026 3:14 PM IST
Pilibhit गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का बड़ा आंदोलन, राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के आवास का घेराव
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Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में गन्ने का बकाया भुगतान लंबे समय से नहीं मिलने और बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर किसानों का सब्र आखिरकार टूट गया। जिलेभर से आए हजारों किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया।

कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकजुट होकर गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के पीलीभीत स्थित आवास पहुंच गए और उसका घेराव कर दिया। किसानों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर दो थानों की पुलिस के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

सरकार, प्रशासन और मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि उन्हें लगातार आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि बजाज हिंदुस्तान समूह की बरखेड़ा चीनी मिल समेत जिले की अन्य मिलों द्वारा गन्ने का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि महीनों की कड़ी मेहनत के बाद जब वे अपनी फसल मिलों को सौंपते हैं तो उन्हें अपने ही पैसे के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।

भुगतान न मिलने से बढ़ा आर्थिक संकट

किसानों का कहना है कि गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर नहीं मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। अगली फसल की बुवाई, खाद और बीज की खरीद के लिए उनके पास पर्याप्त धन नहीं बचा है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई, बेटियों की शादी और बीमार परिजनों के इलाज जैसी जरूरी जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। अन्नदाताओं के सामने अपने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

मझोला चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की मांग

घेराव के दौरान किसानों ने जिले की एक और प्रमुख समस्या को जोर-शोर से उठाया। किसानों ने मांग की कि लंबे समय से बंद पड़ी मझोला चीनी मिल को सरकार अपने नियंत्रण में लेकर जल्द से जल्द दोबारा चालू करे।किसानों का कहना है कि मिल बंद होने से हजारों किसान परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्हें अपना गन्ना दूर-दराज की चीनी मिलों तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे परिवहन लागत काफी बढ़ जाती है।उनका कहना है कि यदि मझोला चीनी मिल फिर से शुरू हो जाती है तो किसानों को राहत मिलेगी और क्षेत्र के सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

आंदोलन की गंभीरता से प्रशासन में बढ़ी चिंता

किसानों के बढ़ते आक्रोश और आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।

कुमुद गंगवार ने मंत्री से की सीधी बात

आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने प्रदर्शन स्थल से ही गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार से मोबाइल फोन पर बातचीत की।उन्होंने मंत्री को प्रदर्शन कर रहे किसानों की स्थिति और उनकी परेशानियों से अवगत कराया। साथ ही जिले की चीनी मिलों द्वारा भुगतान में हो रही देरी और किसानों की समस्याओं की विस्तृत जानकारी दी।

मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने किसानों की मांगों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले को शासन स्तर पर शीर्ष अधिकारियों और मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि चीनी मिल प्रबंधन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और किसानों का गन्ना मूल्य जल्द से जल्द शत-प्रतिशत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

आश्वासन के बाद भी नहीं माने किसान

राज्य मंत्री की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद किसान पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। प्रदर्शनकारी किसान मंत्री के आवास के बाहर डटे रहे।उनका कहना था कि जब तक शासन या चीनी मिल प्रबंधन की ओर से भुगतान की निश्चित समय सीमा तय करते हुए कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

सरकार पर कुमुद गंगवार का हमलामीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश और प्रदेश का पेट भरने वाला किसान अपने ही खून-पसीने की कमाई के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर है।उन्होंने कहा कि किसान भीषण गर्मी में प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए मंत्रियों के चक्कर काट रहे हैं।

उग्र आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी

कुमुद गंगवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान जल्द शुरू नहीं किया गया और बंद पड़ी मिलों के संचालन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।वहीं किसानों ने भी जिला प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो जिलेभर में चक्का जाम और अनिश्चितकालीन महाआंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि अपनी मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई चाहते हैं।

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