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Pilibhit News: शराब की दुकान को लेकर गांव बना रणभूमि, पुलिस और ग्रामीणों में हुआ खूनी संघर्ष
Pilibhit News : पीलीभीत के बूदी भूड़ गांव में शराब की दुकान को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक संघर्ष, कई घायल।
Pilibhit News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद से एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां शराब की दुकान को लेकर पूरा गांव रणभूमि में बदल गया। कलीनगर के बूदी भूड़ गांव में उस समय हालात बेकाबू हो गए जब प्रशासन की टीम शराब की दुकान खुलवाने के लिए मौके पर पहुंची। गांव में देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच सीधा संघर्ष शुरू हो गया और पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई।
प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों का हमला
जानकारी के अनुसार जब एसडीएम और तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ गांव में शराब की दुकान खुलवाने पहुंचे तो ग्रामीणों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा। पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और पुलिस की ओर से लाठियां भांजी गईं जिसके जवाब में ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। कुछ ही देर में पूरा इलाका जंग के मैदान में तब्दील हो गया।
लाठीचार्ज और पथराव से मचा हड़कंप
इस संघर्ष के दौरान जमकर लाठियां चलीं और पत्थरबाजी भी हुई। ग्रामीणों ने उग्र रूप लेते हुए शराब की दुकान में भी जमकर तोड़फोड़ कर दी और पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया। हालात इतने खराब हो गए कि प्रशासन की कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
अधिकारियों समेत कई लोग घायल
इस हिंसक झड़प में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा नुकसान हुआ है। एसडीएम, तहसीलदार और दो दरोगाओं समेत कई लोग इस संघर्ष में घायल हो गए हैं। वहीं इस घटना में आधा दर्जन से अधिक महिलाएं भी घायल बताई जा रही हैं। पूरे गांव में तनाव का माहौल फैल गया और लोग दहशत में आ गए।
गांव में भारी तनाव, पीएसी तैनात
घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी बल को तैनात कर दिया गया है। गांव में अभी भी तनाव बना हुआ है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अब उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
लंबे समय से चल रहा था विरोध
बताया जा रहा है कि बूदी भूड़ गांव के लोग लंबे समय से गांव के भीतर शराब की दुकान खोले जाने का विरोध कर रहे थे। ग्रामीण लगातार मांग कर रहे थे कि इस दुकान को गांव से बाहर शिफ्ट किया जाए लेकिन प्रशासन की ओर से कार्रवाई होने पर विवाद और बढ़ गया और मामला हिंसा तक पहुंच गया।


