फिर लौटा खौफ..., UP के इस जिले में मिला ये ‘खतरनाक Virus’; सीवरेज प्लांट की रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Polio Virus Detected: पोलियो मुक्त भारत के अभियान को उस समय झटका लगा जब गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के नमूनों में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस (VDPV) टाइप-1 की पुष्टि हुई।

Shishumanjali kharwar
Published on: 10 Jun 2026 9:11 AM IST
Polio Virus Detected
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Polio Virus Detected: पोलियो मुक्त भारत के अभियान को उस समय झटका लगा जब गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के नमूनों में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस (VDPV) टाइप-1 की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है और वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से पोलियो वायरस की निगरानी के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से दूषित पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजता है। हाल ही में डूंडाहेड़ा एसटीपी से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट में वीडीपीवी टाइप-1 की मौजूदगी पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।

107 टीमें करेंगी घर-घर सर्वे

रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में वायरस के संभावित स्रोत और इसके नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि शहरी क्षेत्र के 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के अंतर्गत विशेष सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 107 टीमें घर-घर जाकर पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों की स्वास्थ्य जांच करेंगी। साथ ही जिन बच्चों को आवश्यकता होगी, उन्हें पोलियो रोधी दवा की खुराक भी दी जाएगी। सर्वे में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहेंगे।

इन इलाकों में चलेगा विशेष अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने जिन क्षेत्रों को निगरानी के लिए चिन्हित किया है, उनमें राजनगर, शास्त्रीनगर, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, दौलतपुरा, न्यू पंचवटी, घुकना, हिंडन विहार, कैला भट्टा, मिर्जापुर, विजय नगर-1, विजय नगर-2 और खैराती नगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के साथ-साथ टीकाकरण की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा पोलियो टीकाकरण से वंचित न रहे।

क्यों खतरनाक है यह वायरस?

विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस उन बच्चों के लिए अधिक जोखिम पैदा कर सकता है जिनका टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। खराब स्वच्छता और सफाई वाले इलाकों में यह वायरस तेजी से फैल सकता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के मल या दूषित स्राव के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। यदि समय रहते रोकथाम के कदम नहीं उठाए गए तो यह बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और लकवे जैसी स्थिति पैदा कर सकता है।

स्रोत की तलाश में जुटा स्वास्थ्य विभाग

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि सीवरेज नमूनों में पोलियो वायरस का मिलना चिंता का विषय है। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यापक निगरानी और जांच अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक बच्चे की जांच की जाएगी और वायरस के संभावित स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करें और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करें।

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Shishumanjali kharwar

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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