Prateek Yadav: प्रतीक यादव डेथ में चौंकाने वाला मोड़! इन वजहों से हार गए थे जिंदगी की जंग?

Prateek Yadav: अखिलेश ने यह भी कहा कि व्यापार में होने वाला नुकसान व्यक्ति को मानसिक रूप से काफी तोड़ देता है। उनके इस बयान के बाद प्रतीक यादव की मौत के पीछे कारोबारी तनाव और आर्थिक दबाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Shishumanjali kharwar
Published on: 14 May 2026 11:01 AM IST (Updated on: 14 May 2026 11:17 AM IST)
Prateek Yadav Death
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Prateek Yadav Death

Prateek Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ स्थित केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां उनके छोटे भाई प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान अखिलेश यादव पत्रकारों से बातचीत के दौरान बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव से लगभग दो महीने पहले मुलाकात हुई थी। उस समय उन्होंने थोड़ी देर हुई बातचीत के दौरान प्रतीक को स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कारोबार को मजबूती से आगे बढ़ाने की सलाह दी थी। अखिलेश यादव ने कहा कि व्यापार में नुकसान मानसिक रूप से काफी तोड़ देता है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रतीक यादव की मौत के पीछे तनाव और आर्थिक दबाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

रियल एस्टेट-फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़े हुए प्रतीक

सूत्रों के मुताबिक प्रतीक यादव लंबे समय से रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित मनोज पांडेय चौराहे के पास जिम ‘आयरन कोर फिट’ काफी चर्चित थी। इसके साथ ही प्रतीक कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर चुके थे। कारोबार संभालने में पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट का सहयोग करते थे। बताया जा रहा था कि साल 2012 में प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद अपर्णा के भाई अमन बिष्ट ने 17 कंपनियां रजिस्टर कराईं, जिनमें अधिकतर कंपनियां रियल एस्टेट से जुड़ी थीं।

कंपनियों की जिम्मेदारी भले ही अमन बिष्ट के पास थी, लेकिन वास्तविक संचालन में प्रतीक यादव की भूमिका मानी जाती थी। बीते एक साल के दौरान बड़े निवेशों में लगातार हो रहे नुकसान के चलते प्रतीक यादव और अमन बिष्ट के बीच दरार पड़ने लगी थी। सूत्रों के मुताबिक प्रतीक इस कदर नाराज हो गए थे कि उन्होंने अमन को जिम का कार्यालय तक खाली करने को कह दिया था। हालांकि प्रतीक की तबीयत बिगड़ने के समय अमन बिष्ट ही अस्पताल लेकर गए और पोस्टमार्टम हाउस में भी साथ रहे।

प्रतीक यादव का विवाद रियल एस्टेट कारोबारी कृष्णानंद पांडे के साथ भी सामने आया। जानकारी के अनुसार प्रतीक ने कृष्णानंद पांडे के साथ करोड़ों का निवेश किया था। लेकिन बाद में पैसे मांगने पर दोनों के बीच विवार होने लगा। बताया जाता है कि प्रतीक यादव के अपने रुपए वापस मांगने पर कृष्णानंद पांडे ने उन्हें फर्जी केस में फंसाने तक की धमकी दे डाली। यह मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि साल 2025 में राजधानी लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में कृष्णानंद पांडे, उनकी पत्नी वंदना पांडे और पिता अशोक पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराई गई। शिकायत में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और रंगदारी मांगने के आरोप लगाए गए हैं।

अमन सिंह बिष्ट पर भी धोखाधड़ी का आरोप

प्रतीक यादव के साले अमन सिंह बिष्ट पर भी जमीन के मामले में धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आरोप है कि अमन ने जमीन बेचने के नाम पर पैसे लिए, लेकिन सौदा पूरा नहीं किया। इस मामले की जांच अभी भी जारी है। बताया जाता है कि कारोबार में नुकसान और विवाद के साथ ही आर्थिक दबाव के चलते प्रतीक यादव मानसिक तनाव में रहने लगे थे। वहीं अब प्रतीक यादव की मौत से यादव परिवार में गहरा शोक है।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

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मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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