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Prateek Yadav: प्रतीक यादव का अंतिम सफर..., लखनऊ के भैंसाकुंड घाट पर होगी अंत्येष्टि, तैयारियां पूरी
Prateek Yadav: सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार को लखनऊ के गोमती तट स्थित भैंसाकुंड घाट पर किया जाएगा।
Prateek Yadav
Prateek Yadav: समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार को लखनऊ के गोमती तट स्थित भैंसाकुंड घाट पर किया जाएगा। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार के लिए सुबह 11:30 बजे का समय तय किया गया है। प्रतीक यादव का बुधवार तड़के अचानक निधन हो गया, जिससे राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि फेफड़े की मुख्य नस में खून का थक्का फंस जाने के कारण शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर गया, जिसके चलते उनकी मौत हुई। डॉक्टरों ने शरीर पर चोट के छह निशान भी पाए हैं, जिसकी जांच जारी है।
घटना के समय शहर से बाहर थीं अपर्णा यादव
जानकारी के मुताबिक घटना के समय अपर्णा यादव शहर से बाहर थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ पहुंचीं। वहीं सैफई और इटावा से मुलायम परिवार के अन्य सदस्य भी राजधानी पहुंच गए। प्रतीक यादव की मौत की खबर फैलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। भाजपा और सपा सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने राजनीतिक मतभेद भुलाकर शोक व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शाम को अपर्णा यादव के आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ गई
परिजनों और करीबियों के मुताबिक बुधवार तड़के प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया गया कि वह पानी पीने के लिए किचन में गए थे, तभी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। घर में मौजूद ड्राइवर ने तुरंत उनके साले अमन बिष्ट को फोन कर सूचना दी। इसके बाद सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से संपर्क किया गया। एक डॉक्टर तत्काल घर पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए एंबुलेंस के जरिए प्रतीक यादव को सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने ईसीजी समेत कई जांचें कीं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच के लिए हार्ट और विसरा सुरक्षित
सिविल अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को भेजी, जिसके बाद एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल, इंस्पेक्टर विक्रम सिंह और गौतमपल्ली थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़े की नस में ब्लड क्लॉट फंसने की पुष्टि हुई है। हालांकि विस्तृत जांच के लिए हार्ट और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य भी एकत्र किए। सूत्रों के अनुसार परिवार के कुछ सदस्य शुरुआत में पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं थे और शव को सीधे घर ले जाने की तैयारी हो चुकी थी।
एंबुलेंस में शव रख भी दिया गया था, लेकिन बाद में कुछ लोगों के जोर देने पर पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शव को दोबारा उतारकर पंचनामा कराया गया और केजीएमयू पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर छह डॉक्टरों का विशेष पैनल गठित किया गया, जिसमें फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. मौसमी सिंह और डॉ. फातिमा हर्षा समेत अन्य चिकित्सक शामिल थे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। करीब ढाई घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने शुरुआती रिपोर्ट जारी की। फिलहाल हार्ट और विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सभी पहलुओं पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


