Prayagraj कौशल, सृजन और स्वाद का संगम, गृह विज्ञान प्रयोगात्मक कार्य में प्रशिक्षुओं ने दिखाई प्रतिभ

Prayagraj News : डायट प्रयागराज में SUPW के तहत पाक-कला कार्यक्रम आयोजित, डीएलएड प्रशिक्षुओं ने विविध व्यंजनों से दिखाई प्रतिभा।

Ansh mishra Mishra
Published on: 17 Jun 2026 8:30 PM IST (Updated on: 17 Jun 2026 10:34 PM IST)
Prayagraj कौशल, सृजन और स्वाद का संगम, गृह विज्ञान प्रयोगात्मक कार्य में प्रशिक्षुओं ने दिखाई प्रतिभ
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Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), प्रयागराज में समाज उपयोगी उत्पादक कार्य (SUPW) के अंतर्गत गृह विज्ञान विषय की प्रयोगात्मक गतिविधि के रूप में पाक-कला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डी.एल.एड. 2024 बैच के प्रशिक्षुओं ने विभिन्न व्यंजनों का निर्माण कर अपनी रचनात्मकता, कौशल और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में डायट के प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक राजेंद्र प्रताप, वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. भारती त्रिपाठी सहित संस्थान के सभी प्रवक्ता और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन एवं निर्देशन गृह विज्ञान प्रवक्ता वर्तिका कुशवाहा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।यह गतिविधि सप्ताहभर संचालित की जाएगी, जिसके अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजनों का निर्माण एवं प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रशिक्षुओं ने महाराष्ट्र और राजस्थान के लोकप्रिय व्यंजनों को तैयार किया। स्वाद, प्रस्तुति और पोषण के संतुलन के साथ तैयार किए गए व्यंजनों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार व्यंजनों की प्रस्तुति, स्वाद और पौष्टिकता की विशेषताओं की उपस्थितजनों ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने न केवल पाक-कला का प्रदर्शन किया, बल्कि विभिन्न व्यंजनों की विशेषताओं और उनके पोषण मूल्य की जानकारी भी साझा की।इस अवसर पर प्राचार्य राजेंद्र प्रताप ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि पाक-कला जैसे कार्यक्रम आत्मनिर्भरता, रचनात्मकता और जीवनोपयोगी दक्षताओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को अपने जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यवहारिक कौशल और जीवन प्रबंधन की क्षमताओं का विकास भी उतना ही आवश्यक है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार व्यंजनों का स्वाद लिया और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। आयोजन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच प्रदान किया।

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