Prayagraj News: प्रयागराज को मिली नई सौगात, प्रेरणा पार्क का उद्घाटन कर सीएम योगी ने गिनाईं विकास योजनाएं

Prayagraj News: प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क का लोकार्पण कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल की प्रतिमाओं का अनावरण किया।

Newstrack Network
Published on: 6 July 2026 11:38 PM IST (Updated on: 6 July 2026 11:38 PM IST)
Prayagraj Prerna Park
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Prayagraj Prerna Park (Image Credit-Social Media)

प्रयागराज, 6 जुलाईः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को काली घाट स्थित प्रेरणा पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी व अशोक सिंघल की प्रतिमा का अनावरण भी किया। सीएम योगी ने कहा कि तीनों महापुरुषों का जीवन भारत के लिए समर्पित था। सीएम ने सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। कहा कि वे भारतीय राजनीति की महान विभूति, शिक्षाविद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं चलेंगे का उद्घोष कर अपना बलिदान देने वाले डॉ. मुखर्जी का जीवन भारत की राष्ट्रीयता, एकता व अखंडता के लिए समर्पित था।

अखंड भारत के स्वप्नदृष्टा थे डॉ. मुखर्जी

सीएम ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी अखंड भारत के स्वप्नदृष्टा थे। जब अंग्रेजों ने बंगाल को पाकिस्तान में देने की साजिश रची तो डॉ. मुखर्जी ने उसके खिलाफ आवाज मुखर की। उन्होंने शंखनाद किया था कि बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनने देंगे। जब हम उनकी 125वीं जयंती के कार्यक्रम से जुड़े हैं तो पश्चिम बंगाल में भी भाजपा का कमल खिला है। यह कमल केवल सत्ता का नहीं, बल्कि समृद्धि, सुशासन, हर नौजवान, बहन-बेटियों की सुरक्षा की आश्वस्ति का भी कमल है।

नेहरू सरकार ने भारत की अखंडता के विरुद्ध आचरण किया तो डॉ. मुखर्जी ने स्वर मुखर किया

सीएम ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की अखंडता के लिए बलिदान दिया था। स्वतंत्र भारत में पं. जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री बने, लेकिन मंत्री अलग-अलग दलों से भी थे। डॉ. मुखर्जी हिंदू महासभा से उस कैबिनेट में मंत्री बने थे, लेकिन जब नेहरू सरकार ने तुष्टिकरण की नीति पर चलकर भारत की अखंडता के विरुद्ध आचरण करना प्रारंभ किया तो डॉ. मुखर्जी ने उसके खिलाफ स्वर मुखऱ किया। देश हित में उन्होंने पद से त्यागपत्र दे दिया, फिर जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष बनकर भविष्य की भाजपा की नींव रख दी थी।

पीएम मोदी ने कांग्रेस व नेशनल कांफ्रेंस के सपनों को धराशायी कर डॉ. मुखर्जी के सपनों को किया साकार

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 समाप्त कर कश्मीर को भारत में उसी प्रकार समाहित कर दिया, जैसे अन्य राज्य हैं। कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस कश्मीर के लिए अलग कानून, विधान व निशान चाहती थी लेकिन उनके सपनों को धराशायी करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के सपने को साकार किया गया क्योंकि पूर्वजों के संकल्पों को पूरा करना ही उनके प्रति कृतज्ञता होती है।

छह दशक की राजनीति में अटल जी के दामन पर नहीं लगा एक भी दाग

सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वतंत्र भारत में राजनीतिक स्थिरता व शुचिता का मॉडल दिया था। उन्होंने भारतीय राजनीति में छह दशक तक सांसद, मंत्री, प्रधानमंत्री के रूप में काम किया, लेकिन उनके दामन में कोई एक भी दाग नहीं लगा सकता था। गांव, किसान, नौजवान, गरीब के लिए उन्होंने सुशासन का अद्भुत मॉडल दिया था। जब वह प्रधानमंत्री बने तो मैने सांसद के रूप में उनके कार्यों को नजदीक से देखा।

आज की अयोध्या और भव्य राम मंदिर अशोक सिंघल की परिकल्पना का आधार

सीएम ने अशोक सिंघल को भी याद किया, कहा कि जीवन राष्ट्र को समर्पित है। भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और प्रभु राम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं। राम का मतलब राष्ट्र है। भारत को उत्तर से दक्षिण तक एकता के सूत्र में बांधने वाला नाम राम का है। आज की अयोध्या और भव्य राम मंदिर अशोक सिंघल की परिकल्पना के आधार पर है।

पैतृक संपत्ति भी गरीबों, वनवासियों, गिरिवासियों के लिए समर्पित कर सिंघल जी ने प्रस्तुत किया उदाहरण

सीएम ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन आजादी के बाद सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन था। सिंघल जी ने संतों को एक मंच पर लाने का अभिनव कार्य किया और संतों के साथ मिलकर संघ परिवार की ताकत का इस्तेमाल करते हुए सभी को एकजुट किया। 1990 के दशक में एक ही नारा गूंजता था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। रामलला के काम न आए, वह बेकार जवानी है। यह नारे लगाकर उस समय युवाओं ने अशोक सिंहल के नेतृत्व में देश के अंदर शंखनाद किया था। सिंघल जी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग स्नातक थे। वे चाहते तो स्वयं के गुजर-बसर के लिए बड़े प्रतिष्ठान में नौकरी पा सकते थे, लेकिन उन्होंने अपना जीवन भारत और सनातन धर्म के लिए समर्पित किया। अपनी पैतृक संपत्ति गरीबों, वनवासियों, गिरिवासियों के लिए समर्पित कर उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत किया।

प्रयागराज से अधिक कोई नहीं जानता विरासत का सम्मान करना

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी का मंत्र है कि विकास करना है तो विरासत का सम्मान करना होगा। प्रयागराज से अधिक कोई भी विरासत का सम्मान करना नहीं जानता। जब भी देश में समता की बात होती है तो हम कहते हैं कि प्रयागराज में जाकर डुबकी लगाओ, हर जाति, भाषा, क्षेत्र का व्यक्ति बिना भेदभाव एक ही त्रिवेणी में स्नान करके समता का परिचय देता है।

सीएम ने प्रयागराज की महत्ता पर भी डाला प्रकाश

सीएम ने प्रयागराज की पौराणिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला, कहा कि भगवान भारद्वाज ने यहां साधना की थी। भगवान राम जब वन में गए और 14 वर्ष बाद आए तो महर्षि भारद्वाज के चरणों को स्पर्श कर अयोध्या प्रस्थान किया। डबल इंजन सरकार ने भारद्वाज जी की प्रतिमा, पौराणिक मंदिर व आश्रम का जीर्णोद्धार किया। नागवासुकी, प्रयागराज के तीर्थों, पातालपुरी, सरस्वती कूप, अक्षयवट मार्ग खोलने या भव्य-दिव्य कुंभ का आयोजन प्रयागराज ने करके दिखाया। सीएम ने प्रयागराजवासियों का आभार जताते हुए कहा कि जब महाकुम्भ में 66 करोड़ श्रद्धालु आए थे, तब भी स्थानीय लोगों ने नकारात्मक स्वर नहीं उठाया, बल्कि वे अभिभूत थे कि दुनिया यहां आकर त्रिवेणी में डुबकी लगा रही है।

उप्र में पहली बार किसी एक पुल के लिए दिया गया एक हजार करोड़ रुपये

सीएम ने कहाकि प्रयाग अब मजबूती से बढ़ रहा है। यहां डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर नेशनल लॉ विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है। कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं और भवन निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। विकास के लिए नए कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। गंगा जी पर नया पुल बनने जा रहा है, पहली बार उप्र में किसी एक पुल के लिए एक हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। फोरलेन की भी बेहतरीन कनेक्टिविटी बढ़ रही है। सीएम ने कहा कि आपने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने तो परिणाम भी अच्छे ही आएंगे।

भगवान शिव की एकता के आधार हैं ज्योतिर्लिंग

सीएम ने मुख्यमंत्री ने महापौर समेत सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया और महाकुंभ के दौरान प्रयागराज नगर निगम के कार्यों की सराहना की। सीएम ने ज्योतिर्लिंगों को भगवान शिव की एकता का आधार बताया। सीएम ने शिवालिक पार्क की चर्चा करते हुए कहा कि निगम ने इसके लिए जमीन दी, वहां पीपीपी मोड पर द्वादश ज्योतिर्लिंग व छह ज्योतिर्लिंग की रिप्लिकाएं तैयार हुईं। महाकुंभ के दौरान इतने श्रद्धालु शिवालिक पार्क आए कि निवेश से अधिक आय हुई।

यमुना तट पर तीनों विभूतियों की प्रतिमाएं युवाओं व नागरिकों के लिए बनेगी प्रेरणास्रोत

सीएम ने कहाकि पीएम का विजन है कि म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इसके पीछे का भाव नगरीय क्षेत्रों में ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त कर आम नागरिकों के जीवन को सहज व सरल बनाना है, साथ ही ऐसा काम करें जो लोगों को आकर्षित कर सके। यमुना तट पर तीन विभूतियों की प्रतिमाएं युवाओं व नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत होगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्त ‘नंदी’, स्वतंत्र देव सिंह, फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, डॉ. विनोद बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह, हर्षवर्धन वाजपेयी, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, पीयूष रंजन निषाद, राजमणि कोल, वाचस्पति, पूजा पाल, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, केपी श्रीवास्तव, बाबूलाल तिवारी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा के जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, यमुनापार के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ल, गंगापार की जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान आदि की मौजूदगी रही।

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