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Raebareli News: प्रवीण कुमार त्रिपाठी का आकस्मिक दौरा, कानून-व्यवस्था और साइबर अपराधों की समीक्षा
Raebareli News: रायबरेली में एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने आकस्मिक दौरा कर कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा की।
Raebareli News(Photo-Social Media)
Raebareli News: रायबरेली में मंगलवार को लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने आकस्मिक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से पुलिस विभाग में सक्रियता बढ़ गई। पुलिस लाइन पहुंचने पर एडीजी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया और जिले की कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान एडीजी ने कानून-व्यवस्था, साइबर अपराधों की रोकथाम और महिला सुरक्षा से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा स्थिति और अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के साथ आगामी चुनौतियों की समीक्षा करना है। इसके अलावा साइबर अपराध और महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे कार्यों को भी परखा गया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में और सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा जताया कि डीजीपी की मंशा के अनुरूप पुलिस टीम पूरी गंभीरता और तेजी के साथ काम करेगी। अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया।
साइबर अपराधों की रोकथाम पर जोर
एडीजी ने साइबर अपराधों को लेकर कहा कि इस दिशा में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। नए आपराधिक कानूनों के साथ भारत सरकार और राज्य सरकार की ओर से विकसित साइबर पोर्टलों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम की समयबद्ध रिकवरी के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना अभी भी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पुलिस को केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय लोगों को पहले से सतर्क करने पर भी जोर देना होगा।
स्कूलों में बच्चों और अभिभावकों को किया जा रहा जागरूक
एडीजी ने बताया कि साइबर सुरक्षा को लेकर स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को डिजिटल प्राइवेसी, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन गतिविधियों में सावधानी बरतने की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारियों और डिजिटल साक्ष्यों के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से बचाने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी देना है।
वरिष्ठ नागरिकों को भी किया जा रहा जागरूक
एडीजी ने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने से वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों को बचाने के लिए भी लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल लेनदेन और साइबर ठगी से जुड़ी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध लगातार बदलते स्वरूप में सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी जागरूक रहना जरूरी है।
लगातार बेहतर काम करने की जरूरत
एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के क्षेत्र में पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार हुआ है, लेकिन अभी और बेहतर काम करने की आवश्यकता है। प्रभावी जांच, साइबर सुरक्षा और जनजागरूकता को मजबूत करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से सरकार की नीतियों और डीजीपी के निर्देशों के अनुरूप काम करते हुए कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने की अपेक्षा की। एडीजी के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जिले में अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की।


