Raebareli: एम्स रायबरेली में वाहन पार्किंग और ई-लाइब्रेरी पोर्टल का शुभारंभ, शोधार्थियों को सौगात

Raebareli News: एम्स रायबरेली में नई वाहन पार्किंग का उद्घाटन और ई-लाइब्रेरी पोर्टल का शुभारंभ, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक डिजिटल सुविधाएं।

Narendra Singh
Published on: 4 Nov 2026 12:00 PM IST
Raebareli: एम्स रायबरेली में वाहन पार्किंग और ई-लाइब्रेरी पोर्टल का शुभारंभ, शोधार्थियों को सौगात
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Rae Bareli AIIMS News

Raebareli News: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली में संस्थागत सुविधाओं के विस्तार और शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को आधुनिक बनाने की दिशा में मंगलवार, 03 नवंबर को दो महत्वपूर्ण पहल की गईं। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन ने राम बैरियर के निकट नवनिर्मित संस्थान वाहन पार्किंग का उद्घाटन किया। इसके साथ ही केंद्रीय लाइब्रेरी की ओर से ई-लाइब्रेरी पोर्टल का शुभारंभ एवं ई-संसाधनों के उपयोग को लेकर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।

वाहन पार्किंग की सुविधा शुरू होने से संस्थान के आधिकारिक वाहनों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा करने में मदद मिलेगी। इससे परिसर में वाहनों के आवागमन और यातायात प्रबंधन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।वहीं, ई-लाइब्रेरी पोर्टल का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज ब्लॉक के भूतल स्थित व्याख्यान कक्ष में दोपहर दो बजे किया गया।

इस पोर्टल के माध्यम से एम्स के संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं शोध संसाधनों तक ऑनलाइन पहुंच मिलेगी। इसमें बीएमजे जर्नल्स में प्रकाशन शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट, स्कोपस, एम्बेस, अपटूडेट तथा आईथेंटिकेट साहित्यिक चोरी पहचान सॉफ्टवेयर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पहचान संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमानी, अध्यक्ष एम्स रायबरेली रहे, जबकि संरक्षक के रूप में कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) अमिता जैन तथा सह-संरक्षक के रूप में डीन (अकादमिक) प्रो. (डॉ.) नीरज कुमारी की भूमिका रही। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सौरभ पॉल, एसोसिएट प्रोफेसर एवं लाइब्रेरी समिति के संयोजक ने किया।

इस अवसर पर डीन (अनुसंधान) डॉ. अर्चना वर्मा, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू.एन. राय, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।प्रशिक्षण सत्र में बीएमजे, एल्सेवियर, वॉल्टर्स क्लूवर और टर्निटिन के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों के उपयोग, शोध लेखन, साहित्यिक चोरी की पहचान तथा अनुसंधान कार्यों में आधुनिक तकनीक की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

एम्स प्रशासन की इन दोनों पहलों को संस्थान की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल परिसर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि चिकित्सकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध एवं अध्ययन के लिए विश्वस्तरीय डिजिटल संसाधनों का लाभ भी मिलेगा।

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वरिष्ठ संवाददाता, रायबरेलीraebarelinarendrasingh@newstracksite.vocalwire.com
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