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Raebareli News: आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मंत्री मनोज पांडेय ने दिए नियुक्ति पत्र और टैबलेट, कहा- 'राष्ट्र निर्माण में भूमिका अहम'
Raebareli News: रायबरेली में मंत्री मनोज पांडेय ने नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र और टैबलेट वितरित कर डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा दिया।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मंत्री मनोज पांडेय ने दिए नियुक्ति पत्र और टैबलेट (Photo- Newstrack)
Raebareli News: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने आज बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को बड़ी सौगात दी। शहर के एक निजी होटल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, कैबिनेट मंत्री ने अपनी विधानसभा क्षेत्र ऊंचाहार की चयनित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र और आधुनिक टैबलेट वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी नवनियुक्त कार्यकत्रियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्र निर्माण में बताई अहम भूमिका
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह और नवचयनित कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने उनके कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि, "आंगनवाड़ी कार्यकत्री जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए देश और समाज के नव-निर्माण में जुटी हुई हैं।
शिशु के गर्भ में आने से लेकर उसके 6 वर्ष की आयु तक, उसके पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती शिक्षा की रूपरेखा तैयार करने में इनकी भूमिका सबसे अहम होती है।" उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने और सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में कार्यकत्रियों को टैबलेट बांटे गए हैं, जिससे कागजी काम कम होगा और डेटा प्रबंधन अधिक सटीक व त्वरित हो सकेगा।
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंजू लता, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और संबंधित ब्लॉक प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भी नई कार्यकत्रियों का हौसला बढ़ाया और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
नई उम्मीदों के साथ मिला नियुक्ति पत्र
वहीं नियुक्ति पत्र और टैबलेट पाकर ऊंचाहार क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के चेहरे खिल उठे। कार्यकत्रियों का कहना था कि आधुनिक तकनीक (टैबलेट) मिलने से अब उन्हें फील्ड वर्क की रिपोर्टिंग करने और बच्चों के पोषण का ब्योरा रखने में काफी आसानी होगी। यह कार्यक्रम न सिर्फ रोजगार सृजन बल्कि बाल विकास के क्षेत्र में एक बड़ा कदम साबित होगा।
वही एस आई आर मामले में उन्होंने बताया कि देश की सर्वोच्च न्यायालय ने भी सही ठहराया है।


