Raebareli News: डीजल कैप, खाद संकट और सूखी नहरों से परेशान रायबरेली के किसान, धान की खेती पर मंडराया

Raebareli News: नहरों में पानी न आने, समय पर बिजली आपूर्ति न मिलने और खाद की कमी ने खेती-किसानी को संकट में डाल दिया है। प्रस्तुत है न्यूजट्रैक की विशेष रिपोर्ट

Narendra Singh
Published on: 16 Jun 2026 4:54 PM IST
Raebareli News: डीजल कैप, खाद संकट और सूखी नहरों से परेशान रायबरेली के किसान, धान की खेती पर मंडराया
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Raebareli News: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। एक ओर सरकार द्वारा डीजल वितरण पर 200 लीटर की सीमा निर्धारित किए जाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नहरों में पानी न आने, समय पर बिजली आपूर्ति न मिलने और खाद की कमी ने खेती-किसानी को संकट में डाल दिया है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

किसान रामशरण ने बताया कि क्षेत्र की नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है और बिजली की आपूर्ति भी अनियमित है। इससे सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है और फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।


उमेद का पुरवा निवासी सूरज कुमार ने कहा कि खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। फॉर्मर रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती के जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।


ट्रैक्टर चालक धर्मेन्द्र कुमार ने सरकार द्वारा डीजल पर 200 लीटर की सीमा तय किए जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि बड़े किसानों और कृषि कार्यों में लगे ट्रैक्टर संचालकों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


वहीं किसान सुखलाल मौर्य ने नहरों की सफाई न होने को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि यदि जल्द सफाई नहीं कराई गई तो धान की खेती पर इसका सीधा असर पड़ेगा। किसान आदित्य सिंह ने भी कहा कि नहरों में गाद भरी होने के कारण पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे समय पर धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। साथ ही बिजली आपूर्ति की समस्या भी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है।

किसान दिनेश सिंह ने बढ़ती महंगाई और डीजल की लागत में वृद्धि को किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बताया। किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि नहरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए तथा खाद और डीजल से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि खरीफ सीजन की खेती प्रभावित न हो।

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