Raebareli News: ई-फार्मेसी और कॉर्पोरेट एकाधिकार के खिलाफ लामबंद हुए केमिस्ट, देशव्यापी बंद का ऐलान

Raebareli News: रायबरेली में केमिस्टों ने ई-फार्मेसी और कॉर्पोरेट एकाधिकार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। व्यापारियों ने देशव्यापी बंद का ऐलान किया है, जिससे दवा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

Narendra Singh
Published on: 13 May 2026 1:56 PM IST
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Raebareli News(Photo-Social Media)

Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन ई-फार्मेसी के अवैध संचालन और बड़े कॉर्पोरेट घरानों की नीतियों के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। केमिस्ट एसोसिएशन रायबरेली ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 20 मई 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद की अग्रिम सूचना दी है। एसोसिएशन का कहना है कि ई-फार्मेसी और बड़े कॉर्पोरेट मॉडल की वजह से छोटे और मध्यम स्तर के दवा व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है।

राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर आंदोलन

जिला महामंत्री संदीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट यानी एआईओसीडी के आह्वान का जिक्र किया गया है। ज्ञापन में ई-फार्मेसी से जुड़ी अधिसूचना जीएसआर 817 (ई) को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। यह अधिसूचना 28 अगस्त 2018 को जारी की गई थी, जिसे दवा व्यापारी ई-फार्मेसी के संचालन का रास्ता खोलने वाला मान रहे हैं। इसके साथ ही 26 मार्च 2020 की अधिसूचना जीएसआर 220 (ई) को भी वापस लेने की मांग उठाई गई है।

बड़े कॉर्पोरेट्स पर बाजार बिगाड़ने का आरोप

केमिस्ट एसोसिएशन का आरोप है कि बड़े कॉर्पोरेट घराने भारी छूट देकर बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। दवा व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की प्रीडेटरी प्राइसिंग से छोटे और मध्यम केमिस्ट आर्थिक संकट में आ रहे हैं और उनका कारोबार लगातार कमजोर हो रहा है।

जन स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बताया

एसोसिएशन ने इस पूरे मुद्दे को सिर्फ व्यापारिक नहीं बल्कि जन स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। केमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री बढ़ने से बिना वैध पर्चे के दवाओं की सप्लाई हो रही है। इसके अलावा एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा भी बढ़ गया है। संगठन का यह भी कहना है कि ई-फार्मेसी मॉडल में फार्मासिस्ट और मरीज के बीच सीधा संवाद नहीं हो पाता, जिससे गलत दवा सेवन और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। उन्होंने एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस और नकली दवाओं के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई है।

12.4 लाख दवा वितरकों के एकजुट होने का दावा

जिला महामंत्री संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि देशभर के करीब 12.4 लाख औषधि वितरक इस आंदोलन में एकजुट हैं। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि लाखों दवा व्यापारियों की आजीविका और आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ व्यापार बचाने की नहीं, बल्कि जन सुरक्षा और छोटे व्यापारियों के अधिकारों की भी है।

20 मई को बंद रहेगा दवा व्यापार

केमिस्ट एसोसिएशन ने साफ किया है कि 20 मई 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बंद के तहत दवा व्यापार प्रभावित रहेगा। हालांकि संगठन की ओर से मरीजों को होने वाली असुविधा के लिए खेद भी जताया गया है।

Anjali Soni

Anjali Soni

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