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Raebareli News: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भावुक हुए दिनेश सिंह, बोले- नई पीढ़ी इतिहास जाने
Raebareli News: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर दिनेश सिंह भावुक हुए और कहा कि नई पीढ़ी को इतिहास की सच्चाई जानना जरूरी है।
Raebareli News(Photo-Social Media)
Raebareli News: जनपद के रतापुर स्थित सामुदायिक केंद्र में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, सलोन विधायक अशोक कोरी सहित प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्कूली बच्चों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1947 के भारत विभाजन में जान गंवाने वाले लाखों लोगों और विस्थापित परिवारों को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इस दौरान विभाजन की त्रासदी और उससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसका स्कूली बच्चों ने अवलोकन कर उस दौर की पीड़ा और संघर्ष को समझने का प्रयास किया।
इस अवसर पर राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि वे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता के पीछे छिपे त्याग, बलिदान और विभाजन की भयावह सच्चाई से परिचित कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी हजारों ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों के कारण देश का विभाजन हुआ, जिसने केवल सीमाओं को ही नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों को भी बांट दिया। विभाजन का वह दर्द आज भी समाज महसूस करता है।
राज्यमंत्री ने कहा कि लाखों परिवारों को अपने घर, जमीन-जायदाद, कारोबार और पीढ़ियों की मेहनत छोड़कर पलायन करना पड़ा। अनेक लोगों ने अपने परिजनों को खोया और अमानवीय पीड़ा झेली। उन्होंने कहा कि उस समय लोगों ने जो कष्ट सहे, उन्हें शब्दों में बयां करना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेना आवश्यक है और नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि स्वतंत्रता किन कठिन परिस्थितियों और कितने बड़े बलिदानों के बाद मिली। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई गुमनाम नायकों और उनके संघर्षों को उचित स्थान नहीं मिल सका, लेकिन अब विभिन्न माध्यमों से देश के प्रत्येक नागरिक और युवा तक इन बलिदानों की गाथा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने विभाजन की त्रासदी को कभी न भूलने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।


