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UP News: राम मंदिर CEO चयन विवाद में राजेश पांडेय की सफाई: ‘जितेंद्र मिश्रा का इंटरव्यू नहीं हुआ, यह दावा फेक और भ्रामक’
UP News: राम मंदिर CEO चयन विवाद में राजेश पांडेय ने सफाई दी, कहा- जितेंद्र मिश्रा के इंटरव्यू पर उनका बयान फेक और भ्रामक तरीके से पेश किया गया।
Ram Mandir CEO Selection
UP News: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर के पहले CEO के चयन को लेकर उठे विवाद के बीच पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय ने अपने बयान को लेकर स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा है कि नवनियुक्त CEO सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के इंटरव्यू में शामिल न होने का दावा पूरी तरह फेक और भ्रामक है। राजेश पांडेय के मुताबिक उन्होंने केवल इतना कहा था कि 11 अगस्त को उनके इंटरव्यू स्लॉट के दौरान जितेंद्र मिश्रा उन्हें वहां दिखाई नहीं दिए थे। इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं था कि जितेंद्र मिश्रा का इंटरव्यू हुआ ही नहीं।
राजेश पांडेय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट और पॉडकास्ट की वीडियो क्लिप साझा करते हुए कहा कि उनके बयानों को मीडिया और सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी अपने नाम के CEO पद के टॉप-3 उम्मीदवारों में होने का आधिकारिक दावा नहीं किया था।
मेरे स्लॉट में नहीं दिखे, इसका मतलब ये नहीं कि इंटरव्यू नहीं हुआ
पूर्व IPS राजेश पांडेय ने जितेंद्र मिश्रा के इंटरव्यू को लेकर फैल रही चर्चाओं पर कहा कि उन्होंने अपने इंटरव्यू के दौरान जितेंद्र मिश्रा को वहां नहीं देखा था। उन्होंने इसी तथ्य का उल्लेख पॉडकास्ट में किया था। बाद में उनके बयान को इस तरह प्रचारित किया गया, मानो उन्होंने जितेंद्र मिश्रा के इंटरव्यू में शामिल नहीं होने का दावा किया हो।राजेश पांडेय ने इसे गलत बताते हुए कहा कि उनके पास इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि दूसरे उम्मीदवारों के इंटरव्यू किस समय हुए। इसलिए उनके बयान को जितेंद्र मिश्रा के इंटरव्यू से जोड़कर पेश करना भ्रामक है।
टॉप-3 में मेरा नाम था’ यह बात भी नहीं कही
राजेश पांडेय ने अपने नाम को CEO पद के संभावित शीर्ष उम्मीदवारों में बताए जाने की चर्चाओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि पॉडकास्ट में उन्होंने ऐसा कोई आधिकारिक दावा नहीं किया था कि उनका नाम टॉप-3 में था। उनके मुताबिक इस संबंध में जो जानकारी उनके सामने आई थी, वह अखबारों और सोशल मीडिया में चल रही चर्चाओं के माध्यम से मिली थी। ट्रस्ट या चयन समिति की ओर से उन्हें ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी।
अमिताभ ठाकुर के पत्र के बाद गरमाया था मामला
दरअसल, पूर्व IPS और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राजेश पांडेय के पॉडकास्ट में कही गई बातों का हवाला देते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने CEO चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जितेंद्र मिश्रा के चयन का आधार स्पष्ट करने की मांग की थी।अमिताभ ठाकुर की ओर से उठाए गए सवालों के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। अब राजेश पांडेय की ओर से अपने ही बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद विवाद का एक नया पक्ष सामने आया है।
राजेश पांडेय बोले- मेरे बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया
पूर्व IPS अधिकारी ने कहा कि उनके पॉडकास्ट में कही गई बातों को पूरा संदर्भ देखे बिना पेश किया गया, जिससे कई तरह की भ्रांतियां पैदा हुईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने जितेंद्र मिश्रा के इंटरव्यू में शामिल होने से इनकार किया था और न ही अपने नाम को चयन प्रक्रिया के टॉप-3 में होने का दावा किया था। ऐसे में अब राम मंदिर CEO चयन को लेकर उठे सवालों के बीच राजेश पांडेय की सफाई ने विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है।


