रामलला के भोग प्रसाद की गुणवत्ता पर मुहर की तैयारी, अयोध्या राम मंदिर में सख्त ऑडिट शुरू

Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर में रामलला के भोग प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग ने प्री-ऑडिट शुरू किया है। रसोई, गोदाम और फूड हैंडलर्स की जांच के बाद 28 मई को पोस्ट-ऑडिट होगा और गुणवत्ता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

Harsh Sharma
Published on: 27 May 2026 7:21 PM IST
रामलला के भोग प्रसाद की गुणवत्ता पर मुहर की तैयारी, अयोध्या राम मंदिर में सख्त ऑडिट शुरू
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Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू की गई है। बुधवार को मंदिर परिसर में प्री-ऑडिट की शुरुआत की गई, जिसमें प्रसाद की तैयारी से लेकर उसके भंडारण तक हर चरण की बारीकी से जांच की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं और भगवान को अर्पित होने वाला प्रसाद पूरी तरह से शुद्ध और सुरक्षित हो।

मंदिर की रसोई और गोदाम का हुआ निरीक्षण

प्री-ऑडिट के दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने राम मंदिर परिसर की रसोई और भंडारण इकाइयों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान देखा गया कि प्रसाद किस तरह तैयार किया जाता है, किन सामग्री का उपयोग होता है और उसे कैसे सुरक्षित रखा जाता है। निरीक्षण टीम के साथ नामित एजेंसियां ऑडिट एडिटोरियल क्वालिटी प्राइवेट लिमिटेड और एसडी ग्लोबल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया और मानकों की जांच की।

फूड हैंडलर्स को दी गई विशेष ट्रेनिंग

इस प्रक्रिया के दौरान मंदिर में प्रसाद तैयार करने वाले सभी फूड हैंडलर्स को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्हें स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों और सही तरीके से भोजन तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह सुनिश्चित किया गया कि प्रसाद निर्माण के हर चरण में स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

स्वास्थ्य परीक्षण में सभी कर्मचारी स्वस्थ पाए गए

मेडिकल टीम ने सभी फूड हैंडलर्स का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया, जिसमें सभी को पूरी तरह से स्वस्थ पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या नहीं मिली है, जो प्रसाद की सुरक्षा के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रसाद निर्माण में लगे सभी लोग शारीरिक रूप से फिट और जिम्मेदार भूमिका निभाने में सक्षम हैं। खाद्य एवं औषधि विभाग के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का अगला चरण 28 मई को पोस्ट-ऑडिट के रूप में होगा। इसमें पहले से किए गए निरीक्षण और सुधारों का पूरा मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

गुणवत्ता प्रमाणपत्र की अंतिम प्रक्रिया

सहायक आयुक्त मानिकचंद सिंह ने जानकारी दी कि रिपोर्ट अपलोड होने के लगभग 56 घंटे बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को गुणवत्ता प्रमाणपत्र सौंप दिया जाएगा। यह प्रमाणपत्र इस बात की पुष्टि करेगा कि रामलला को अर्पित होने वाला भोग प्रसाद सभी मानकों पर खरा उतरता है और पूरी तरह सुरक्षित है। यह पहल केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास भी है। राम मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह कदम विश्वास को और मजबूत करेगा कि उन्हें मिलने वाला प्रसाद पूरी तरह शुद्ध, सुरक्षित और मानकों के अनुरूप है।

Harsh Sharma

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Content Writer Mail ID - harsha4avan@gmail.com

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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