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Sant Kabir Nagar News: संतकबीरनगर में गो-सेवा पर समीक्षा बैठक, संरक्षण पर दिए सख्त निर्देश
Sant Kabir Nagar News: संतकबीरनगर में गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने गो-आश्रय स्थलों की समीक्षा कर गुणवत्ता, निरीक्षण, चारे और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
संतकबीरनगर में गो-सेवा पर समीक्षा बैठक, संरक्षण पर दिए सख्त निर्देश (Photo- Newstrack)
Sant Kabir Nagar News: संत कबीर नगर में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं अनुश्रवण मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने उपाध्यक्ष का बुके भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष जगदंबा लाल श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
जिले की गोशालाओं और योजनाओं की प्रगति की दी गई जानकारी
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने जनपद में संचालित गो-आश्रय स्थलों की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में इस समय कुल 12 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 4 शहरी और 8 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। इन सभी आश्रय स्थलों में कुल 1369 गोवंश संरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि विकासखंड हैंसर बाजार के कुरमौर में नगर पंचायत की ओर से 200 गोवंश की क्षमता वाली नई कान्हा गोशाला स्थापित की गई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार वहां गोवंशों को स्थानांतरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत जिले में 139 पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं और अब तक 229 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। इनके भरण-पोषण के लिए जून 2026 तक का फंड रिक्वेस्ट भी पूरा कर लिया गया है। शासन के निर्देश पर बढ़या ठाठर, मझौरा और जिगिना के गो-आश्रय स्थलों के संचालन की जिम्मेदारी एनजीओ को सौंप दी गई है।
एनजीओ की कार्यक्षमता की जांच के बाद ही सौंपी जाए गोशालाएं
समीक्षा बैठक के दौरान गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी एनजीओ को गोशाला सौंपने से पहले उसकी बैलेंस शीट, कार्य क्षमता और गुणवत्ता की गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर उनके कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाए ताकि गोशालाओं का संचालन बेहतर तरीके से हो सके।
उन्होंने अधिकारियों से गो-संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों का उचित दस्तावेजीकरण करने के लिए कहा। साथ ही गोवंश की संख्या के अनुसार हरे चारे की बुवाई सुनिश्चित करने तथा भूसा, दाना, चोकर और चूने की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। छोटे गोवंशों के लिए पानी और दाने की छोटी नाद तथा बीमार पशुओं के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया।
गोशालाओं में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश
महेश कुमार शुक्ल ने निर्देश दिया कि गोशालाओं में गोवंश की संख्या, टैगिंग, टीकाकरण, चिकित्सा, पंचनामा और पोस्टमार्टम सहित सभी आवश्यक रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखे जाएं। उन्होंने खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को तुरंत ठीक कराने, वृक्षारोपण के संरक्षण और उद्यान विभाग के माध्यम से गोशालाओं से जैविक खाद तथा गोबर के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रात के समय कर्मचारियों और केयरटेकर के रुकने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह गो-आश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करें और जो भी कमियां मिलें, उन्हें समय रहते दूर कराया जाए।
गो-सेवा से संस्कार और संस्कृति की होगी रक्षा
उपाध्यक्ष ने पशु चिकित्साधिकारियों को गोशालाओं के अनुपात में देखरेख की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से भी गो-सेवा के प्रति आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि गोमाता की सेवा से हमारे संस्कार और संस्कृति की रक्षा होगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष का आभार व्यक्त किया और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गो-तस्करी पर सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति
बैठक के बाद निरीक्षण गृह खलीलाबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार गो-सेवा को एक पवित्र और सतत कार्य के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम 1955 के तहत सरकार गो-तस्करी और नियमों के उल्लंघन के मामलों में पूर्णतः ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और ऐसे मामलों में कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।


