'अब अपील कैसे...', फांसी की सजा सुनाते ही जेलर से पूछा ये सवाल! फूट-फूटकर रोए मुस्कान और साहिल

Saurabh Rajput Murder Case: मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मौत की सजा सुनाई गई। सजा सुनते ही दोनों फूट-फूटकर रोए और अब हाई कोर्ट में अपील की तैयारी है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 14 Oct 2026 10:19 PM IST
Blue Drum Saurabh Rajput Murder Case
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Blue Drum Murder Case: मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी मुस्कान और साहिल को अदालत ने मौत की सजा (Death Penalty) सुना दी है। सजा का ऐलान होते ही दोनों बुरी तरह टूट गए। फांसी की सजा सुनते ही मुस्कान और साहिल कोर्ट रूम में फूट-फूटकर रोने लगे। बताया गया कि दोनों के चेहरे का रंग उड़ गया और वे गहरे सदमे में चले गए।

मेरठ जेल के जेलर डॉ. वीरेश राज ने बताया कि मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के जरिए बुधवार की कार्यवाही से जुड़े थे। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जैसे ही अदालत ने दोनों के लिए मौत की सजा का ऐलान किया, दोनों सदमे में चले गए और उनकी हालत काफी परेशान नजर आई।

पहले से पता था होना है सजा का फैसला

जेलर डॉ. वीरेश राज ने बताया कि 30 तारीख को जब अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था, उसी समय यह तय हो गया था कि अब उन्हें या तो आजीवन कारावास (Life Imprisonment) मिलेगा या फिर मृत्युदंड। इसके बावजूद जब बुधवार सुबह दोनों को कार्यवाही के लिए पेश किया गया तो कहीं न कहीं उन्हें उम्मीद थी कि अदालत सजा को उम्रकैद तक सीमित कर सकती है।

लेकिन शाम को जब अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई तो यह उनके लिए बड़ा झटका साबित हुआ। जेलर के मुताबिक, सजा सुनाए जाने के बाद दोनों फूट-फूटकर रो पड़े। भारतीय न्याय व्यवस्था (Indian Justice System) में मौत की सजा सबसे बड़ी सजा होने के कारण अदालत का यह फैसला दोनों के लिए बेहद बड़ा झटका था।

सजा के बाद कराई गई काउंसलिंग

सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने मुस्कान और साहिल की काउंसलिंग (Counselling) कराई। साथ ही डॉक्टरों को भी दोनों की हालत पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल दोनों गहरे सदमे और परेशानी में हैं।

इसी वजह से जेल में दोनों की लगातार निगरानी की जा रही है। बंदी पहरेदारों (Prison Guards) को उनकी निगरानी में लगाया गया है और सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) के जरिए भी उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

अलग-अलग बैरक में भेजने की प्रक्रिया शुरू

मौत की सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान और साहिल को महिला और पुरुष कैदियों के बैरकों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जेल प्रशासन के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मुस्कान को उस बैरक में रखा जाएगा जहां बच्चे वाली महिला कैदियों को रखा जाता है।

यानी अब दोनों को जेल की नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग बैरकों में रखा जाएगा और उनकी सुरक्षा तथा मानसिक स्थिति पर भी जेल प्रशासन नजर बनाए रखेगा।

मुस्कान ने जेलर से पूछा- अपील कैसे होगी?

सजा सुनाए जाने के बाद जब मुस्कान अपनी बैरक में जाने के लिए निकल रही थी, तब उसने जेलर डॉ. वीरेश राज से एक अहम सवाल पूछा। मुस्कान ने जानना चाहा कि अगर वह इस फैसले के खिलाफ अपील (Appeal) करना चाहे तो इसकी प्रक्रिया क्या होगी।

डॉ. वीरेश राज के मुताबिक, मुस्कान ने उनसे कहा कि वह यह समझना चाहती है कि अपील कैसे होती है। इस पर जेल प्रशासन ने उसे बताया कि जैसे ही अदालत के फैसले की आधिकारिक प्रति (Official Copy of Judgment) मिल जाएगी, उसे पढ़कर आगे की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।

हाई कोर्ट में अपील का रास्ता बताया

जेलर ने बताया कि दोनों को कानूनी सहायता (Legal Aid) की प्रक्रिया के बारे में भी समझाया गया है। उन्हें बताया गया है कि अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय (High Court) में अपील की जा सकती है।

अगर मुस्कान या साहिल चाहें तो अपने निजी वकील (Private Lawyer) के जरिए अपील दाखिल करा सकते हैं। वहीं, अगर उनके पास निजी वकील नहीं है या वे जेल प्रशासन के जरिए कानूनी मदद लेना चाहते हैं तो जेल प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (State Legal Services Authority) के माध्यम से उनकी अपील दाखिल कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

एक-दो दिन में बताएंगे अपना फैसला

मुस्कान और साहिल ने जेल प्रशासन से कहा है कि वे एक-दो दिन में सोचकर बताएंगे कि आगे कानूनी लड़ाई कैसे लड़नी है। इसके बाद उनके फैसले के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

फिलहाल मौत की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों जेल में हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। वहीं, अपील को लेकर भी अब उनकी ओर से लिए जाने वाले फैसले पर नजर रहेगी।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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