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UP Assembly Election 2026: यूपी चुनाव से पहले राजभर का बड़ा दांव, 34 सीटों पर SBSP ने बढ़ाई हलचल
UP Assembly Election 2026: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करते हुए 34 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारियों की नियुक्ति की है। ओम प्रकाश राजभर और अरुण राजभर की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
UP Assembly Election 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होती जा रही हैं। इसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने प्रदेश के 34 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की घोषणा कर दी है। इस फैसले को आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इस कदम को SBSP की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले चुनाव में अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी कर रही है।
ओम प्रकाश राजभर ने संभाली अपनी सीट की जिम्मेदारी
पार्टी अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने विधानसभा क्षेत्र जहूराबाद की जिम्मेदारी खुद अपने पास रखी है। वहीं उनके बेटे अरुण राजभर को आजमगढ़ जिले की अतरौलिया विधानसभा का प्रभारी बनाया गया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं कि अरुण राजभर को भविष्य में इसी सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अतरौलिया में बढ़ी अरुण राजभर की सक्रियता
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अरुण राजभर पिछले कुछ समय से अतरौलिया क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। वे स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं और विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा समुदायों से संपर्क बना रहे हैं। पार्टी का प्रयास है कि क्षेत्र में संगठन को मजबूत किया जाए और आगामी चुनावों के लिए मजबूत जनाधार तैयार किया जाए।
कई अहम सीटों पर बनाई रणनीति
SBSP ने जिन 34 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त किए हैं, उनमें कई ऐसी सीटें शामिल हैं जहां वर्तमान में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। इन सीटों में अतरौलिया, फूलपुर, पवई, दीदारगंज, मेहनगर, केराकत, मल्हनी, सकलडीहा, भदोही, सिकंदरपुर, फेफना, अकबरपुर, जलालपुर, घोसी, टांडा, इसौली, डुमरियागंज, इटवा, रुधौली और रामनगर जैसी विधानसभा सीटें प्रमुख हैं। इसके अलावा पार्टी ने बीजेपी के कब्जे वाली अजगरा, मधुबन, रामकोला, रामपुर कारखाना, संडीला और महौली सीटों पर भी संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने का फैसला किया है।
अन्य दलों की सीटों पर भी नजर
SBSP केवल बीजेपी और समाजवादी पार्टी की सीटों तक सीमित नहीं है। पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी की रसड़ा विधानसभा सीट और कांग्रेस की फरेंदा सीट पर भी प्रभारी नियुक्त किए हैं। साथ ही जहूराबाद, जखनिया, जफराबाद, मऊ सदर, बेल्थरा रोड और महादेवा जैसी सीटों पर भी संगठन को मजबूत करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी?
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में SBSP ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और छह सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में पार्टी ने बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन का साथ दिया। अब 34 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारियों की नियुक्ति के बाद यह माना जा रहा है कि SBSP आगामी चुनाव में पहले से अधिक सीटों की मांग कर सकती है। ऐसे में चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर होने वाली राजनीतिक बातचीत पर सभी की नजर बनी रहेगी।
आगे क्या?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि SBSP का यह कदम संगठन विस्तार के साथ-साथ अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का प्रयास भी है। आने वाले महीनों में पार्टी की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई दे सकते हैं।


