BJP की हैट्रिक या SP की वापसी? UP के इस जिले में शुरू हुआ सियासी महासंग्राम, कौन मारेगा बाजी?

Shahjahanpur Dadraul UP Election 2027: शाहजहांपुर की ददरौल विधानसभा सीट पर 2027 चुनाव को लेकर सियासी महासंग्राम शुरू हो गया है। बीजेपी हैट्रिक के लिए मैदान में है तो सपा PDA समीकरण के सहारे वापसी की तैयारी में जुटी है।

Harsh Srivastava
Published on: 11 Sept 2026 10:27 AM IST (Updated on: 11 Sept 2026 10:28 AM IST)
BJP की हैट्रिक या SP की वापसी? UP के इस जिले में शुरू हुआ सियासी महासंग्राम, कौन मारेगा बाजी?
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Shahjahanpur Dadraul UP Election 2027: शाहजहांपुर जिले की चर्चित ददरौल विधानसभा सीट एक बार फिर बड़े राजनीतिक महासंग्राम की ओर बढ़ रही है। किसी समय यह क्षेत्र समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का अभेद्य किला माना जाता था, जहां राममूर्ति सिंह वर्मा और अवधेश कुमार जैसे कद्दावर नेताओं का बोलबाला था। लेकिन साल 2017 के बाद यहां का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया और भारतीय जनता पार्टी ने लगातार जीत की हैट्रिक लगाकर इस क्षेत्र पर अपना कब्जा जमा लिया। दिवंगत नेता मानवेंद्र सिंह के बाद हालिया उपचुनाव में उनके पुत्र अरविंद सिंह ने जीत हासिल कर कमल का परचम लहराए रखा। अब 2027 के चुनाव नजदीक आते ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या बीजेपी अपनी जीत का सिलसिला जारी रखेगी या फिर सपा अपने नए सामाजिक फॉर्मूले के दम पर पासा पलट देगी।

अभी किसका दिख रहा दबदबा

एक दौर में ददरौल की गिनती जिले के सबसे उपेक्षित और पिछड़े इलाकों में होती थी। हालांकि, मौजूदा भाजपा विधायक अरविंद सिंह का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे के गुजरने के साथ-साथ बरेली मोड़ से जलालाबाद तक बने 4-लेन मार्ग और चौहनापुर से मंदनापुर तक बनी सड़कों ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है। सड़कों के इस नेटवर्क से आवागमन आसान हुआ है और रोजगार के नए अवसर खुले हैं। भाजपा समर्थकों का मानना है कि इसी जनसेवा और विकास के दम पर स्थानीय जनता एक बार फिर उन पर भरोसा जताएगी।

सपा ने झोंकी पूरी ताकत

दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी इस सीट पर फिर से अपना परचम लहराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सपा के जिला नेतृत्व का कहना है कि क्षेत्र में उनका जनाधार लगातार बढ़ रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि पिछले चुनावों में बहुत कम अंतर से हार हुई थी और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग के कारण उनके उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचा। सपा को पूरा भरोसा है कि अगर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी 'पीडीए' वर्ग एकजुट होकर वोट करता है, तो 2027 में ददरौल समेत जिले की अन्य सीटों पर साइकिल की रफ्तार को रोक पाना मुश्किल होगा।

सवा तीन लाख मतदाताओं का अनूठा जातीय समीकरण

ददरौल के चुनावी नतीजों को तय करने में जातीय गणित बेहद अहम भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र में लगभग 58 हजार दलित और 57 हजार ओबीसी मतदाता हैं, जो किसी भी चुनाव का रुख मोड़ सकते हैं। इसके अलावा 55 हजार क्षत्रिय और 53 हजार लोधी वोटरों की संख्या भी काफी निर्णायक है। 32 हजार मुस्लिम और अन्य समुदायों की मौजूदगी इस मुकाबले को और दिलचस्प बनाती है। पारंपरिक रूप से क्षत्रिय और लोधी वर्ग का झुकाव बीजेपी की तरफ माना जाता है, जबकि सपा दलित, पिछड़ा और मुस्लिम गठजोड़ को साधकर मुकाबले को अपने पक्ष में करने की रणनीति बना रही है।

टिकट की होड़ और जमीनी माहौल

चुनावी सरगर्मी बढ़ते ही दोनों प्रमुख दलों में दावेदारों की भीड़ लगने लगी है। बीजेपी की तरफ से मौजूदा विधायक अरविंद सिंह के अलावा राज्य सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर और हाल ही में पाला बदलने वाले नेताओं के नामों की चर्चा गर्म है। वहीं सपा के खेमे से पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा, लखन प्रताप सिंह, नीरज मिश्रा और राजेश वर्मा जैसे कई प्रमुख चेहरे अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल विकास कार्यों और जनता से सीधे संवाद के कारण बीजेपी की स्थिति मजबूत दिख रही है, जबकि विपक्ष के लिए एक सर्वमान्य चेहरा तय करना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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Harsh Srivastava

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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