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Shamli News: धर्मांतरण मामले में AI वीडियो विवाद बढ़ा, पुलिस ने दर्ज किए तीन नए मुकदमे
Shamli News: शामली के चर्चित धर्मांतरण मामले में AI वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुलिस ने तीन नए मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में चर्चित धर्मांतरण प्रकरण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब मामले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से कथित तौर पर बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस का कहना है कि इन वीडियो के कारण सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका है। मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मूल मुकदमे के अलावा तीन नए मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित AI वीडियो में आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली के नाम से बयान प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो में धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े विवादों को लेकर कई बातें कही गई हैं। वहीं, एक अन्य वायरल वीडियो में भी उनके नाम से कथित संदेश प्रसारित किया जा रहा है। इन वीडियो की सत्यता को लेकर विवाद बना हुआ है।पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वायरल वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की सहायता से तैयार किए गए हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की सामग्री के प्रसार से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका रहती है।
इस संबंध में शामली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि धर्मांतरण मामले की जांच पहले से विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया और फेसबुक पर आयुष मलिक के नाम से कथित वीडियो वायरल किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता अनिल उपाध्याय ने आरोप लगाया कि फर्जी वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया है।पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान एक सोशल मीडिया अकाउंट की भूमिका भी सामने आई है, जिसके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। मामले की जांच के लिए टीम को दूसरे राज्य भेजने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मूल धर्मांतरण प्रकरण के अतिरिक्त तीन अन्य मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने एक आरोपी को इस मामले में जेल भी भेजा है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल जारी है।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को साझा करने से बचें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। जांच पूरी होने के बाद ही वायरल वीडियो की वास्तविकता और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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