Shamli News: गो-रक्षा और राम मंदिर मुद्दे पर शंकराचार्य के तीखे बयान, राजनीति गरमाई

Shamli News : थानाभवन में गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने गो-रक्षा, राम मंदिर और राजनीति पर दिए तीखे बयान।

Pankaj Prajapati
Published on: 20 Jun 2026 1:52 PM IST
Shamli News: गो-रक्षा और राम मंदिर मुद्दे पर शंकराचार्य के तीखे बयान, राजनीति गरमाई
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Shamli News: गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा लेकर शामली मे थानाभवन पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गो-रक्षा, राम मंदिर और मुख्यमंत्री की कालनेमि वाली टिप्पणी को लेकर तीखे बयान दिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर गो-रक्षा के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता अब ऐसे लोगों को ही वोट करेगी जो वास्तव में गाय की रक्षा करेंगे।

गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत शामली के थानाभवन के जस्सूवाला मंदिर पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का श्रद्धालुओं और गो-सेवकों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि आस्था का विषय और माता का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि देशभर में गायों के संरक्षण और उन्हें माता का सम्मान दिलाने के उद्देश्य से यह यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों को गौशाला संचालन और गौ-संरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी।

सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गो-रक्षा और हिंदुत्व के नाम पर वोट लेने वाले लोग गायों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि "हमारा वोट लेकर हमारी माता की बोटी काटकर बेचना कहां का न्याय है।" उन्होंने कहा कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और वही व्यक्ति समर्थन का पात्र होगा जो वास्तव में गौमाता की रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गाय को पशु सूची से हटाकर गौमाता घोषित करने में भी गंभीरता नहीं दिखा रही है।

गाय को काटकर बेचने वाले सलाटर हाउस का लाइसेंस दे रहे हैं जनता अब इनके पाप का भागीदार नहीं बनेगी।अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर भी शंकराचार्य ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर प्राप्त धन के दुरुपयोग के आरोप गंभीर विषय हैं। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई कालनेमि वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कालनेमि वह होता है जो बाहर से साधु और अंदर से राक्षसी प्रवृत्ति का हो।

उन्होंने कहा कि गेरुआ वस्त्र धारण करने वालों का आचरण भी उसी अनुरूप होना चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने गो-रक्षा के मुद्दे पर जनता से सजग रहने और ऐसे लोगों को समर्थन देने की अपील की जो गौ-संरक्षण के लिए वास्तविक प्रयास करते हों। रात्रि विश्राम के बाद शंकराचार्य अपनी यात्रा के अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए।

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