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Shamli News: शामली में वारंटी को VIP ट्रीटमेंट? पुलिस पर निजी कार से मेडिकल कराने का आरोप
Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली में गिरफ्तार वारंटी को कथित तौर पर निजी कार से मेडिकल के लिए ले जाने और बिना हथकड़ी रखने का मामला चर्चा में है। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं, हालांकि एएसपी ने वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोपों से इनकार किया है।
Shamli News (Image Credit-Newstrack)
Shamli News: जनपद शामली की आदर्श मंडी पुलिस एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला एक वारंटी को कथित तौर पर वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने का है। आरोप है कि बुलंदशहर के थाना नरोरा क्षेत्र के एक वारंटी को गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल के लिए सरकारी वाहन की बजाय निजी गाड़ी में ले जाया गया और उसके हाथों में हथकड़ी भी नहीं लगाई गई। अब इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस ने ऐसा क्यों किया और क्या नियमों का पालन किया गया?
मामला शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार बुलंदशहर जिले के थाना नरोरा क्षेत्र के गांव रतनपुरी निवासी बनी सिंह पर 420 सी का मुकदमा दर्ज है जिसे पुलिस ने वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने सरकारी वाहन का उपयोग करने के बजाय निजी कार का इस्तेमाल किया।
इतना ही नहीं, मेडिकल के दौरान वारंटी के हाथों में हथकड़ी भी नहीं दिखाई दी। इसी बात को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। सवाल यह उठ रहा है कि जहां शांति भंग की धारा 151 में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अक्सर हथकड़ी लगाकर एसडीएम कोर्ट में पेश किया जाता है,वहीं एक वारंटी के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया?
हालांकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि हर मामले में हथकड़ी लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं होता। हथकड़ी लगाने या न लगाने का निर्णय आरोपी के भागने की आशंका, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य परिस्थितियों के आधार पर लिया जाता है। ऐसे में इस मामले में पुलिस ने किस आधार पर यह निर्णय लिया, यह जांच का विषय है।
फिलहाल इस पूरे मामले का वीडियो और तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की जांच कर कोई कार्रवाई करते हैं। फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर आदर्श मंडी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वही शामली के एएसपी सुमित शुक्ला का कहना है कि वारंटी गिरफ्तार करने का अभियान चला हुआ है एक नहीं अनेकों वारंटी गिरफ्तार किये जा चुके हैं वीआईपी ट्रीटमेंट कुछ नहीं होता है वारंटी को गिरफ्तार कर जज के सामने पेश किया जाता है।


