Shravasti News: भाजपा श्रावस्ती में संगठनात्मक घमासान, पूर्व पदाधिकारी का पत्र वायरल

Shravasti News: श्रावस्ती में भाजपा के भीतर संगठनात्मक विवाद की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व पदाधिकारी का पत्र वायरल होने के बाद पार्टी के संगठनात्मक घटनाक्रम को लेकर हलचल बढ़ गई है।

Radheshyam Mishra
Published on: 25 Oct 2026 11:10 AM IST
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Shravasti News(Photo-Social Media)

Shravasti News: जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर मची खींचतान ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस की तर्ज पर अब भाजपा में भी पद और पैसे को लेकर अंतर्कलह हावी हो रही है। इसी अंतर्कलह का एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पत्र भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष, पूर्व जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा और वर्तमान जिला कार्य समिति सदस्य संतोष कुमार पाठक द्वारा लिखा गया है।

पत्र में क्या है आरोप?

पत्र में जिला अध्यक्ष के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि जिला अध्यक्ष का अपना एक निजी विद्यालय है, जिसमें लगभग 25 शिक्षक कार्यरत हैं। उनका कार्यकाल एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर होने जा रहा है। इस दौरान प्रदेश और क्षेत्र स्तर पर पार्टी की ओर से वोट बढ़ाने और गलत वोट हटवाने के लिए कई बैठकें हुईं। विरोधी पार्टियां अपने वोट बढ़ाने में कामयाब रहीं, लेकिन जिला अध्यक्ष अपने ही विद्यालय में एक भी नया वोट नहीं बनवा सके। हैरानी की बात यह है कि जिला मीडिया प्रभारी और जिला कार्य समिति सदस्य, जो उन्हीं के विद्यालय के शिक्षक हैं, उनका वोट तक नहीं बन पाया। पत्र में सवाल उठाया गया है कि जो व्यक्ति अपने विद्यालय के शिक्षकों का वोट नहीं बनवा सकता, वह विधानसभा चुनाव में संगठन को कैसे जिताएगा?

पूर्व अध्यक्षों से तुलना:

संतोष पाठक ने अपने पत्र में पूर्व जिला अध्यक्षों राम फेरन पांडे, जगदंबा प्रसाद वर्मा, महाराज कुंवर तिवारी, महेश मिश्रा और उदय त्रिपाठी का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि जब भाजपा सत्ता में नहीं थी, तब भी ये नेता चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे, वोट बढ़ाते थे और मतदान करवाते थे। श्रावस्ती भाजपा तब संघर्ष के लिए जानी जाती थी।

शीर्ष नेतृत्व को भेजा पत्र:

यह पत्र उत्तर प्रदेश चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी को संबोधित कर भेजा गया है।

विपक्ष को मिल रहा मौका:

भाजपा की इस आंतरिक खींचतान को लेकर विपक्षी दल जमकर हवा दे रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा में अब कांग्रेस की तरह गुटबाजी हावी हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के पत्रों का वायरल होना पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा रहा।

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