Shravasti News: कक्षा 4 के शिक्षकों के लिए क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण संपन्न

Shravasti News: बेसिक शिक्षा परिषद के दो दिवसीय प्रशिक्षण में कक्षा 4 के शिक्षकों को पाठ्यपुस्तक और शिक्षक संदर्शिका के समन्वित उपयोग से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के गुर सिखाए गए।

Radheshyam Mishra
Published on: 31 July 2026 9:25 PM IST
Capacity Building Training for Class 4 Teachers Conducted
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कक्षा 4 के शिक्षकों के लिए क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण संपन्न (Photo- Newstrack)

Shravasti News: बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 4 के लिए पाठ्यपुस्तक आधारित प्रभावी शिक्षण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शिक्षक संदर्शिका एवं पाठ्यपुस्तक के समन्वित उपयोग के माध्यम से कक्षा-कक्ष में गुणवत्तापूर्ण, बाल-केंद्रित एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण के लिए सक्षम बनाना था।

हिंदी शिक्षण: संदर्शिका को मार्गदर्शक बताया

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में हिंदी शिक्षक संदर्शिका की संरचना पर विस्तार से चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागी शिक्षकों को संदर्शिका के विभिन्न घटकों, सीखने के परिणामों, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया तथा मूल्यांकन संबंधी प्रावधानों से परिचित कराया।

प्रशिक्षकों ने कहा कि शिक्षक संदर्शिका केवल एक मार्गदर्शक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह दैनिक शिक्षण को व्यवस्थित, उद्देश्यपूर्ण एवं प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इसके बाद कक्षा 4 में हिंदी पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण पर व्यवहारिक सत्र आयोजित हुआ। इस दौरान बच्चों की भाषा समझ, पठन कौशल और अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाने के लिए खुले छोर के प्रश्न, समूह कार्य, चर्चा आधारित शिक्षण तथा अभिव्यक्तिपूर्ण गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। शिक्षकों को यह भी बताया गया कि पाठ्यपुस्तक को केवल पढ़ाने तक सीमित न रखकर उसे बच्चों के अनुभवों और वास्तविक जीवन से जोड़ना आवश्यक है।

गणित शिक्षण: गतिविधि आधारित सीखने पर बल

द्वितीय चरण में गणित शिक्षक संदर्शिका की संरचना का विस्तृत परिचय दिया गया। संदर्शिका में दिए गए शिक्षण उद्देश्यों, गतिविधियों, टीएलएम के उपयोग, संभावित भ्रांतियों तथा अधिगम आकलन की प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रशिक्षकों ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि शिक्षक संदर्शिका गणित शिक्षण को अधिक सरल, क्रमबद्ध एवं बच्चों की सीखने की गति के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसके उपरांत कक्षा 4 में गणित के पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण पर अभ्यासात्मक सत्र हुआ। इसमें गतिविधि-आधारित शिक्षण, बच्चों की सोच को समझने, समस्या समाधान कौशल विकसित करने तथा गणितीय अवधारणाओं को ठोस अनुभवों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता कर यह समझ विकसित की कि पाठ्यपुस्तक एवं शिक्षक संदर्शिका का समन्वित उपयोग बच्चों में गणित के प्रति रुचि एवं आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।

सक्रिय सहभागिता और संकल्प

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने समूह चर्चा, अनुभव साझा करने तथा अभ्यास गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय सहभागिता निभाई। विभिन्न शिक्षण परिस्थितियों पर विचार-विमर्श करते हुए शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण को और अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण एवं सीखने के परिणामों पर केंद्रित बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

समापन में दिए गए निर्देश

प्रशिक्षण के अंत में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि शिक्षक संदर्शिका में निहित शैक्षणिक सुझावों, गतिविधियों एवं मूल्यांकन प्रक्रियाओं का नियमित एवं योजनाबद्ध उपयोग किया जाए। इससे प्रत्येक बच्चे के लिए सीखने का सकारात्मक, आनंददायक एवं समावेशी वातावरण तैयार किया जा सके, ताकि सभी बच्चे अपेक्षित अधिगम परिणामों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकें।

प्रशिक्षण में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए कक्षा 4 के हिंदी एवं गणित विषय के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।

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