Shravasti News: डीएम-एसपी का जनता दर्शन, 17 शिकायतों पर दिए त्वरित निर्देश

Shravasti News: श्रावस्ती में डीएम अन्नपूर्णा गर्ग और एसपी राहुल भाटी ने जनता दर्शन में 17 शिकायतें सुनीं। संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

Radheshyam Mishra
Published on: 31 July 2026 11:00 PM IST
Samadhan Diwas
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डीएम-एसपी का जनता दर्शन, 17 शिकायतों पर दिए त्वरित निर्देश (Photo- Newstrack)

Shravasti News: शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और पुलिस कार्यालय में जनता दर्शन का नजारा बिल्कुल अलग था। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने एक साथ आमजन की फरियाद सुनी और मौके पर ही अधिकारियों को फोन घुमाकर समस्या हल करने के निर्देश दिए।

डीएम ने सुनीं 17 शिकायतें, दी सख्त हिदायत

कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के सामने भूमि कब्जा, राशन कार्ड, पारिवारिक विवाद सहित कुल 17 शिकायतें आईं।

हर फरियादी की बात जिलाधिकारी ने खुद सुनी। इसके बाद संबंधित तहसीलदार, बीडीओ, आपूर्ति अधिकारी को तुरंत फोन मिलाया और कहा - "समस्या का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। इसमें जरा सी भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।" जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता दर्शन सिर्फ फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम नहीं है। यहां आने वाले हर व्यक्ति को न्याय मिले, यही सरकार की मंशा है।

एसपी ने भी खोला दरबार: पुलिसिया मामलों पर फोकस

उधर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी राहुल भाटी ने भी जनता दर्शन लगाया। यहां जमीनी विवाद, मारपीट, पारिवारिक कलह, महिला संबंधी मामले और रुपये के लेन-देन से जुड़ी शिकायतें आईं।

एसपी ने सभी प्रार्थना पत्रों को गंभीरता से पढ़ा और संबंधित थाना प्रभारी, सीओ को निर्देश दिए कि "शीघ्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण"किया जाए। पीड़ित को थाने के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

एसपी ने कहा कि जनता दर्शन के जरिए पुलिस और आमजन के बीच सीधा संवाद हो रहा है। इससे न सिर्फ त्वरित न्याय मिलेगा बल्कि पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।

स्थानीय लोगों ने जताया संतोष

जनता दर्शन में आए फरियादियों ने कहा कि पहले अधिकारी मिलते ही नहीं थे। अब डीएम-एसपी खुद सुन रहे हैं और मौके पर फोन कर रहे हैं। इससे उम्मीद बंधी है कि उनकी समस्या जल्द हल होगी।

विशेषज्ञों की राय

वरिष्ठ समाजसेवी व पूर्व प्रवक्ता लालजी पाठक ने कहा कि "प्रशासन का जनता के बीच जाना लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है। लेकिन असली परीक्षा निस्तारण के बाद होगी। अगर 15 दिन में शिकायत हल हो गई तो जनता का विश्वास पक्का होगा।"

श्रावस्ती जैसे सीमांत जिले में जनता दर्शन से दो फायदे हैं। एक तो गरीब की बात सीधे शीर्ष अधिकारी तक पहुंच रही है। दूसरा, अधिकारी भी अब लापरवाही नहीं कर सकते क्योंकि फोन पर दिया गया आदेश रिकॉर्ड में है।

अब जरूरत है कि डीएम और एसपी द्वारा दिए गए निर्देशों की मॉनिटरिंग भी हो। ताकि "आदेश" कागज तक सीमित न रहे, धरातल पर उतरे।तभी "जनता दर्शन" का असली मतलब सार्थक होगा।

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