Shravasti News: त्योहारी सीजन में महंगाई की मार, किचन का बजट बिगड़ा

Shravasti News: श्रावस्ती में त्योहारों से पहले मेवा और राशन के दाम बढ़ने से आम लोगों का बजट बिगड़ा, पिछले सप्ताह में कई सामानों की कीमतों में 20 से 40 प्रतिशत तक उछाल।

Radheshyam Mishra
Published on: 22 Aug 2026 9:12 PM IST
Inflation hits in Tyohari season
X

त्योहारी सीजन में महंगाई की मार, किचन का बजट बिगड़ा (Photo- Newstrack)

Shravasti News: रक्षाबंधन व अन्य त्योहारों से पहले बाजार में रौनक तो है, पर जेब ढीली हो रही है। खाद्यान्न पदार्थों और मेवों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के बजट पर गहरा असर डाला है। बादाम-काजू से लेकर आटा-चीनी तक सब महंगा, जिससे खरीदारी में भारी कमी देखी जा रही है। राशन के साथ अब मेवों की मिठास भी फीकी पड़ गई है।

पिछले एक सप्ताह के भीतर थोक और खुदरा बाजार में दामों में 20 से 40 प्रतिशत तक का उछाल आया है।

मेवा बाजार में सबसे ज्यादा उछाल

दुकानदारों के अनुसार, सबसे ज्यादा मार मेवा पर पड़ी है। किशमिश जो पिछले हफ्ते 300 रुपये किलो थी, अब 450 रुपये किलो बिक रही है। बादाम 700 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये किलो और अखरोट 800 रुपये से बढ़कर 1200 रुपये किलो हो गया है।

ग्राहक राम प्रसाद मौर्य ने बताया - "बहन के यहां भेजने के लिए थोड़ा मेवा लेने आया था, पर दाम सुनकर आधा ही लेना पड़ा।

राशन भी पहुंच से बाहर

सिर्फ मेवा ही नहीं, रोज के राशन के दाम भी बढ़ गए हैं।

खाद्य पदार्थ पहले का भाव अब का भाव:

खाद्य पदार्थ पहले अब

आटा : 30 34 रु0 /किलो

चीनी 42 रु./किलो 70 रु./किलो

सरसों तेल 175 रु./लीटर 195 रु./लीटर

रिफाइंड 130 रु./लीटर 150 रु./लीटर

चावल सामान्य 42 रु./किलो 50 रु./किलो

अरहर दाल 110 रु./किलो 120 रु./किलो

गेहूं 25 रु./किलो 30 रु./किलो

दालों पर भी असर :मटर 50 से 60 रुपये, चना 75 से 80 रुपये और राजमा 120 से 130 रुपये किलो हो गया है। मूंगफली भी 120 से बढ़कर 130 रुपये किलो बिक रही है।

खरीदारी में आई कमी

गिलौला बाजार के थोक व्यापारी अमित गुप्ता बताते हैं कि त्योहार में हर साल बिक्री 30 प्रतिशत बढ़ती थी, इस बार 15 प्रतिशत घट गई है। लोग जरूरत भर का ही सामान ले रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि आवक कम होने और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से कीमतें बढ़ी हैं।

वही सुनीता,गीता,माया जैसे आम गृहिणियों का कहना है कि त्योहार पर मीठा तो बनेगा, पर इस बार चीनी और मेवा दोनों का हिसाब देखकर ही बनाना पड़ेगा।

Radheshyam Mishra
ABOUT THE AUTHOR

Radheshyam Mishra

radheshyam.newstrackpr@gmail.com
Next Story