Shravasti News: न प्याऊ- न छाया: नौतपा से पहले ही हीटवेव का कहर, प्रशासन का अभियान ठंडे बस्ते में

Shravasti News: श्रावस्ती में पारा 45°C पार पहुंचा, लेकिन प्रशासन के हीटवेव इंतजाम धरातल पर नदारद हैं। अस्पतालों में ORS तक नहीं, लोग परेशान।

Radheshyam Mishra
Published on: 25 May 2026 10:38 PM IST
Heatwave Before Nautapa
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न प्याऊ- न छाया: नौतपा से पहले ही हीटवेव का कहर, प्रशासन का अभियान ठंडे बस्ते में (Photo- Newstrack)

Shravasti News: श्रावस्ती में आज 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा से पहले ही भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को जिले का तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, लेकिन हीटवेव से बचाव को लेकर प्रशासन की तैयारियां सिर्फ कागजों में ही नजर आ रही हैं। शहर से लेकर गांव तक न तो प्याऊ की व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही बस स्टैंड और चौराहों पर छाया का कोई इंतजाम किया गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच लोग राहत के लिए भटकते नजर आ रहे हैं।

शहर में नहीं दिखे चालू प्याऊ

नगर पालिका की ओर से कई जगहों पर प्याऊ लगाने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखी। भिनगा बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट चौराहा और जिला अस्पताल गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर एक भी प्याऊ चालू हालत में नहीं मिला। लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे, जबकि तापमान लगातार खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है।


अस्पतालों में भी अधूरी तैयारी

गर्मी और लू से बचाव के लिए जिला अस्पताल में हीटस्ट्रोक वार्ड बनाया गया है, लेकिन वहां जरूरी इंतजाम पूरे नहीं हैं। अस्पताल में ORS के पैकेट और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक नहीं मिला। वहीं सिरसिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पंखे खराब पड़े हैं, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन ठंडे पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।

मजदूरों के लिए नहीं पानी और छाया की व्यवस्था

मनरेगा साइटों पर काम कर रहे मजदूरों के लिए भी राहत के इंतजाम नहीं किए गए हैं। वहां न टेंट लगाए गए हैं और न ही पीने के पानी की व्यवस्था है। इकौना तहसील क्षेत्र के मजदूर रत्तीराम ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद काम बंद करने का आदेश है, लेकिन ठेकेदार जबरन काम करवाता है। यही स्थिति इकौना और गिलौला विकास खंड परिसर की भी है, जहां नल बंद पड़े हैं और फ्रीजर भी चालू हालत में नहीं मिले।

जानवर भी गर्मी से बेहाल

भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि जानवरों पर भी पड़ रहा है। गोशालाओं और तालाबों में पानी की कमी बनी हुई है। वन विभाग की ओर से वाइल्डलाइफ एरिया में पानी के टैंकर तक नहीं भेजे गए हैं, जिससे पशु-पक्षियों के सामने भी पानी का संकट गहराता जा रहा है।

प्रशासन के दावे और जमीनी सच्चाई

डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने 10 मई को बैठक कर सभी विभागों को हीटवेव एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की ओर से प्रमुख चौराहों पर वाटर कूलर और टेंट लगाने, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ORS वितरण और बिजली कटौती रोकने का दावा किया गया था।


हालांकि हकीकत इससे अलग नजर आई। कई जगहों पर वाटर कूलर लगाए ही नहीं गए। करीब 70 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों तक ORS नहीं पहुंच पाया। ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी 8 से 10 घंटे की बिजली कटौती जारी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

लोगों में बढ़ रही नाराजगी

गर्मी के बीच राहत व्यवस्था न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता लाल जी पाठक ने कहा कि नौतपा के दौरान हर साल लू लगने से मौतें होती हैं। हर बार बैठक होती है, बजट आता है, लेकिन जमीन पर कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताया। बीते तीन दिनों में लू लगने से मजदूरों की मौतें होने की बात भी सामने आई है।

मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 25 मई से 2 जून तक नौतपा चलेगा। इस दौरान तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

प्रशासन ने जल्द सुधार का दिया भरोसा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है और ORS की कमी आज शाम तक दूर कर ली जाएगी। वहीं नगर पालिका के ईओ ने बताया कि टेंडर में देरी हुई है, लेकिन अगले दो दिनों में प्याऊ व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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Experienced Hindi Journalist with 6 Years of Experience

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