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Shravasti News: श्रावस्ती में महाराणा प्रताप जयंती पर हुआ भव्य सम्मान समारोह
Shravasti News: कर्नलगंज डाक बंगला परिसर में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद कर युवाओं को प्रेरित किया।
श्रावस्ती में महाराणा प्रताप जयंती पर हुआ भव्य सम्मान समारोह (Photo- Newstrack)
Shravasti News: श्रावस्ती में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर शनिवार 9 मई को कर्नलगंज स्थित डाक बंगला परिसर में भव्य एवं गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, बलिदान और स्वाभिमान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार तेज प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन महादेव प्रसाद मौर्य ने किया। समारोह का शुभारंभ महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शेरबहादुर सिंह मौजूद रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार सिंह और अनिल श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक थे — डॉ. शेरबहादुर सिंह
मुख्य अतिथि डॉ. शेरबहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय स्वाभिमान, साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन आज भी लोगों को संघर्ष और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है।
युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों से सीख लेने की जरूरत — तेज प्रताप सिंह
वरिष्ठ पत्रकार तेज प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर योद्धा नहीं थे, बल्कि राष्ट्र चेतना के प्रेरणास्रोत भी थे। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के संघर्ष, त्याग और आत्मसम्मान से सीख लेकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
तेज प्रताप सिंह ने कहा कि इतिहास तभी जीवित रहता है जब समाज अपने महापुरुषों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना के लिए बेहद जरूरी बताया।
घास की रोटियां खाईं लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं किया — राकेश सिंह
कन्हैयालाल इंटर कॉलेज कर्नलगंज के प्रवक्ता राकेश सिंह ने महाराणा प्रताप, उनके वंशजों और रानी पद्मावती के ऐतिहासिक योगदान पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटियां खा लीं लेकिन कभी मुगलों के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। उनका जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और देशभक्ति की सर्वोच्च मिसाल है।
राकेश सिंह ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि शक्ति संगठन में निहित होती है, इसलिए सभी लोगों को संगठित रहकर राष्ट्र निर्माण में जुटना चाहिए।
राष्ट्रप्रेम और आत्मबल की प्रेरणा देता है महाराणा प्रताप का जीवन
डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, आत्मबल और राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को उनके आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है, ताकि समाज में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और स्वाभिमान की भावना मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर ही समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य तैयार किया जा सकता है।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी, अनिल श्रीवास्तव समेत अन्य वक्ताओं ने भी महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला और युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
ओजपूर्ण कविता ने बांधा समां
अधिवक्ता और कवि वीरेंद्र तिवारी ‘बेतुक’ ने अपनी ओजपूर्ण कविता के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य और राष्ट्रभक्ति का भावपूर्ण वर्णन किया। उनकी कविता सुनकर मौजूद लोग भावविभोर हो गए।
वरिष्ठ समाजसेवी खन्नू मिश्रा ने भी महाराणा प्रताप को नमन करते हुए उनकी वीर गाथा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने राष्ट्र रक्षार्थ अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया लेकिन अपने राष्ट्र पर कभी आंच नहीं आने दी।
अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मां वाराही न्यूज के संस्थापक सुभाष सिंह ने सभी अतिथियों और विशिष्ट लोगों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान समारोह ने पूरे आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया।
इस दौरान प्रशांत सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, अजय प्रताप सिंह, राम बहादुर पांडे कानूनगो, अवधेश सिंह राठौर, विकास सिंह लेखपाल, अमरेंद्र सिंह, शुभम सिंह भटपुरवा, प्रियांशु सिंह, संतोष कुमार सिंह, रवि सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह और महादेव प्रसाद मौर्य सहित पंद्रह लोगों को “महाराणा प्रताप स्मृति सम्मान” से सम्मानित किया गया।
सैकड़ों लोगों ने अर्पित किए पुष्प
समापन अवसर पर सुभाष सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल महापुरुषों का स्मरण करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेरणा, संस्कार और राष्ट्र चेतना का संचार करना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रियांशु प्रताप सिंह, शुभम सिंह, अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी, नरेंद्र सिंह अध्यापक, ज्वाला प्रसाद तिवारी, अखंड प्रताप सिंह, अधिवक्ता वीरेंद्र तिवारी बेतुक, राणा प्रताप सिंह, अवधेश सिंह राठौर, शिवम सिंह, गणेश पाण्डेय, बबलू सिंह, राहुल सिंह, अभय प्रताप सिंह, सुरेश वर्मा, सिद्धांत सिंह, अशोक सिंह, लल्ला सिंह, हारून, वीरेंद्र सिंह, सुरेश दूबे, नितीश श्रीवास्तव, नकछेद सिंह, कुलदीप सिंह, सार्थक, सर्वेश श्रीवास्तव, रवि सिंह, संतोष सिंह और मोनू सिंह सहित सैकड़ों लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस टीम भी पूरी तरह मुस्तैद रही।


