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Shravasti News: मिशन शक्ति फेज-5.0: श्रावस्ती में बेटियों को सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाने की पहल
Shravasti News: मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत श्रावस्ती पुलिस गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, साइबर जागरूकता, हेल्पलाइन और आत्मनिर्भरता की जानकारी दे रही है।
मिशन शक्ति फेज-5.0: श्रावस्ती में बेटियों को सुरक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाने की पहल (Photo- Newstrack)
Shravasti News: उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत श्रावस्ती में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का यह अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों, कस्बों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर महिलाओं और बेटियों से सीधे संवाद करने पर जोर दिया जा रहा है।
गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं से संवाद कर रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के नेतृत्व में, अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह और क्षेत्राधिकारीगण के पर्यवेक्षण में श्रावस्ती पुलिस मिशन शक्ति के तहत अलग-अलग स्थानों पर चौपाल और जागरूकता शिविर आयोजित कर रही है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देने के साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
इस अभियान की खास बात यह है कि पुलिस और महिलाओं के बीच दूरी कम करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए महिलाओं और बालिकाओं को शक्ति दीदी के रूप में जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या किसी अन्य समस्या की स्थिति में महिलाएं अपनी बात शक्ति दीदी के माध्यम से रख सकती हैं और जरूरी कानूनी जानकारी तथा सहायता हासिल कर सकती हैं।
सुरक्षा के साथ अधिकारों की जानकारी पर जोर
मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को गुड टच और बैड टच, सम्मानजनक आचरण, सड़क सुरक्षा और किशोर न्याय अधिनियम के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य बेटियों को छोटी उम्र से ही अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी गलत व्यवहार का विरोध कर सकें और जरूरत पड़ने पर मदद मांग सकें।
महिलाओं को घरेलू हिंसा, मानवाधिकार, आत्मरक्षा तकनीक और सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि किसी परेशानी की स्थिति में उन्हें कहां संपर्क करना है और सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है।
साइबर सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता
बदलते समय में साइबर अपराध भी महिलाओं और आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। इसे देखते हुए श्रावस्ती पुलिस ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, फिशिंग कॉल और ओटीपी से जुड़ी ठगी से बचाव की जानकारी भी दे रही है। लोगों को साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया जा रहा है, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर समय रहते शिकायत की जा सके।
इसके साथ ही 1090 वूमेन पावर लाइन, 112, 181 और 1076 जैसे जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी महिलाओं और बालिकाओं तक पहुंचाई जा रही है। पुलिस का जोर इस बात पर है कि जरूरत के समय महिलाओं को मदद के लिए सही नंबर याद रहे और वे बिना डर के सहायता ले सकें।
सम्मान और आत्मनिर्भरता को बनाया अभियान का हिस्सा
मिशन शक्ति का उद्देश्य केवल महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने के लिए सक्षम बनाना भी है। अभियान के दौरान महिलाओं को सम्मानजनक आचरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है और बेटियों को आत्मरक्षा की तकनीक सिखाई जा रही है।
सरकारी योजनाओं से जुड़े पंपलेट के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने के रास्तों की जानकारी भी दी जा रही है। इस तरह अभियान में सुरक्षा के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है।
कानून के साथ समाज में जागरूकता जरूरी
अपराधों पर रोक लगाने के लिए केवल कानून और कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है। श्रावस्ती पुलिस का मिशन शक्ति अभियान इसी दिशा में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने का प्रयास है।
जब किसी मां को 181 महिला हेल्पलाइन की जानकारी होगी, किसी छात्रा को साइबर फ्रॉड की पहचान होगी और गांव की किसी महिला को शक्ति दीदी के माध्यम से अपनी समस्या रखने का भरोसा होगा, तभी महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का उद्देश्य मजबूत होगा।
मिशन शक्ति के तहत श्रावस्ती पुलिस का प्रयास महिलाओं और बेटियों को डर के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का माहौल देने पर केंद्रित है। सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को साथ लेकर चलने की यह पहल समाज में महिलाओं की स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है।


