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Shravasti News: श्रावस्ती में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 45°C के पार; हीटवेव से बचाव के निर्देश जारी
Shravasti News: श्रावस्ती की तराई में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित है। तापमान 45°C के पार पहुंच गया है, जबकि श्रम विभाग ने हीटवेव से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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Shravasti News: तराई क्षेत्र में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को तापमान 45.2°C दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सर्वाधिक है। तपती धूप और लू के थपेड़ों से इंसान ही नहीं, जीव-जंतु भी बेहाल हैं। बुधवार दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर पर गमछा और छाता लेकर चल रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती के कारण हैंडपंप सूखने लगे हैं। शहरों में भी पानी की मांग बढ़ने से आपूर्ति बाधित हो रही है। भीषण गर्मी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से 10 बजे तक कर दिया है।खेतों में चरने वाले मवेशी छाया ढूंढते फिर रहे हैं। कई जगह पक्षी पानी की तलाश में जमीन पर गिरते देखे गए। वन विभाग ने जंगल किनारे तालाबों में टैंकर से पानी भरवाने का काम शुरू किया है। पशु चिकित्सालयों में लू लगने से बीमार मवेशियों की संख्या में लगभग 40% की वृद्धि हुई है।जिलाधिकारी श्रावस्ती अपर्णा गर्ग ने सभी CHC और PHC में ORS और ठंडे पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
लू से बचाव के लिए मनरेगा मजदूरों का काम सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सीमित किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने हीटवेव अलर्ट जारी करते हुए कहा कि बुजुर्ग और बच्चे धूप में न निकलें। सिर दर्द, उल्टी या चक्कर आने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें। घर से निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें।जिलाधिकारी अपर्णा गर्ग के निर्देश पर सहायक श्रमायुक्त संतपाल ने बताया कि हीटवेव के दुष्प्रभाव विशेष रूप से खुले क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिकों पर पड़ते हैं। हीटस्ट्रोक से होने वाली जनहानि की भरपाई किसी मुआवजे से संभव नहीं है। इसलिए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि आगामी हीटवेव को देखते हुए तैयारी अत्यंत आवश्यक है।
इसके तहत जनपद के अध्यक्ष/महामंत्री, उद्योग व्यापार मंडल इकौना और भिनगा श्रावस्ती, राइस मिल्स एसोसिएशन श्रावस्ती तथा ईंट भट्ठा एसोसिएशन श्रावस्ती को अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।औद्योगिक, निर्माण एवं अन्य श्रमिकों के लिए गर्मी से संबंधित बीमारियों पर जागरूकता कैंप आयोजित किए जाएं। बाहरी कार्यों के समय में बदलाव किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा ORS एवं ग्लूकोन-डी आदि वितरित किए जाएं। कार्यस्थल पर ठंडे एवं स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्माण श्रमिकों के संबंध में अन्य अनिवार्य मानकों का पालन किया जाए।
कर्मचारियों और मजदूरों को सूर्य के सीधे संपर्क से बचने की सलाह दी जाए। श्रम-साध्य कार्य ठंडे समय में कराए जाएं। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में कार्य कराने से बचा जाए। मौसम विभाग के पोर्टल का नियमित निरीक्षण किया जाए ताकि पूर्वानुमान की जानकारी मिलती रहे।सभी संबंधित संगठनों को निर्देश दिया गया है कि उपरोक्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें और एक सप्ताह के भीतर जियो टैग फोटो सहित अनुपालन रिपोर्ट सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, श्रावस्ती को उपलब्ध कराएं।मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे तक राहत के आसार नहीं हैं। 22 मई के बाद पूर्वी हवाएं चलने से हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में 2–3°C की गिरावट हो सकती है।


