Shravasti News: पायलट प्रोजेक्ट के विरोध में श्रावस्ती इकौना अधिवक्ता संघ के अधिवक्ता मैदान में

Shravasti News: श्रावस्ती के इकौना अधिवक्ता संघ के वकीलों ने पायलट प्रोजेक्ट के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ताओं ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध जताया।

Radheshyam Mishra
Published on: 30 Oct 2026 3:57 PM IST
Shravasti News
X

Shravasti News(Photo-Social Media)

Shravasti News: प्रदेश सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के विरोध में अब इकौना तहसील के अधिवक्ता भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। अधिवक्ता संघ इकौना ने संच अध्यक्ष उदयराज पांडेय के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी रवि प्रताप सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा कर उसे रद्द करने की मांग की है।

प्रदेश सरकार ने श्रावस्ती, बलरामपुर, बांदा और हरदोई, इन चार जिलों में राजस्व कानूनों में संशोधन कर पायलट प्रोजेक्ट के तहत नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत बैनामों के निजीकरण, रजिस्ट्री के बाद ऑनलाइन दाखिल-खारिज और राजस्व न्यायालयों में नई व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यही व्यवस्था सबसे ज्यादा खतरनाक है।

क्या है अधिवक्ताओं की आपत्ति:

ज्ञापन में अधिवक्ता संघ ने कहा है कि दाखिल-खारिज, धारा 116 के तहत अंश विभाजन, धारा 24 के तहत सीमांकन और धारा 38 के तहत त्रुटि सुधार की कार्रवाई को ऑनलाइन करने से किसानों और वादकारियों की परेशानी बढ़ेगी। गांव का गरीब किसान, जो कागजों की बारीकी नहीं समझता, वह जनसेवा केंद्र और ऑनलाइन प्रक्रिया के भरोसे रह जाएगा। इससे धोखाधड़ी, गलत दाखिल-खारिज और जमीन के फर्जी बैनामे का खतरा बढ़ जाएगा।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस परियोजना से राजस्व अधिवक्ताओं की भूमिका ही समाप्त हो जाएगी। जब वकील नहीं होगा तो वादकारी अकेले राजस्व कर्मचारियों के सामने खड़ा होगा। इससे निचले स्तर पर भ्रष्टाचार और शोषण बढ़ेगा, घटेगा नहीं।

इकौना में गूंजा विरोध:

ज्ञापन सौंपते समय महामंत्री राजेंद्र मिश्रा, राधेश्याम, वीरेंद्र मिश्रा, दिलीप शर्मा, राम कुमार शुक्ला, शिवराम आर्य, सुधीर शुक्ला, राघवेंद्र दीक्षित, पाटेश्वरी प्रसाद मिश्रा, धर्मचंद्र यादव, अनुराग शर्मा, नितिन श्रीवास्तव ,उदय राज तिवारी, राकेश पाण्डेय, रामराज्य मिश्र,श्रीधर द्विवेदी,ए के सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जनहित और किसानों के हित को देखते हुए सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

इधर पूरे जनपद में यह आंदोलन तेज होता जा रहा है। मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता 9 अक्टूबर से ही रजिस्ट्री कार्यालय और सभी राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार कर रहे हैं। जिलेभर के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत हैं। अध्यक्ष सुरेश चंद्र तिवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय गेट पर धरना दिया और कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर डीएम को ज्ञापन सौंपा था।

आंदोलन और तेज होगा:

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट वापस नहीं लिया तो बहिष्कार और प्रदर्शन जारी रहेगा। जिले में 29 अक्टूबर तक और अब 2 नवंबर तक रजिस्ट्री कार्यालय और राजस्व न्यायालयों के बहिष्कार का ऐलान किया जा चुका है। इकौना के अधिवक्ताओं का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ वकीलों की रोजी-रोटी की नहीं है, यह किसानों की जमीन बचाने की लड़ाई है। बैनामा निजी हाथों में जाएगा तो जमीन की सुरक्षा कौन करेगा, यह सवाल सरकार को जवाब देना होगा। फिलहाल तहसील में कामकाज ठप है, वादकारी परेशान हैं, पर अधिवक्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

Radheshyam Mishra
ABOUT THE AUTHOR

Radheshyam Mishra

radheshyam.newstrackpr@gmail.com
Next Story