Shravasti News: हिमालय की तलहटी में उमड़ा भक्ति का सैलाब, कन्या भोज, मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़

Shravasti News: श्रावस्ती में महानवमी पर हिमालय की तलहटी में भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। घर-घर कन्या भोज हुआ और देवी मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

Radheshyam Mishra
Published on: 19 Oct 2026 12:47 PM IST
Shravasti News: हिमालय की तलहटी में उमड़ा भक्ति का सैलाब, कन्या भोज, मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़
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Shravasti News: शारदीय नवरात्र की महानवमी पर सोमवार को हिमालय की तराई से लेकर अवध तक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही देवी मंदिरों में घंटा-घड़ियालों के साथ जय माता दी के जयकारे गूंजने लगे। घर-घर में कन्या भोज, हवन-पूजन के साथ मां सिद्धिदात्री की आराधना की गई। नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर , श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर जिलों में महानवमी का उल्लास देखते ही बन रहा था। ग्रामीण अंचलों में सुबह से ही माताओं-बहनों ने नौ कन्याओं को घर बुलाकर उनके पांव पखारे, टीका लगाया और हलवा-पूरी, चने का भोग कराया। मान्यता है कि महानवमी पर कन्या भोज कराने से नौ देवियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

शक्तिपीठों में सुबह 3 बजे से लगी कतारें:

हिमालय तलहटी के प्रमुख शक्तिपीठों में भारी भीड़ उमड़ी। बलरामपुर के पाटेश्वरी देवी मंदिर, तुलसीपुर के देवीपाटन मंदिर, बहराइच के माता सुइया थान मंदिर और श्रावस्ती के विभूतिनाथ मंदिर,सीताद्वार मंदिर,श्री जगपति धाम मंदिर में रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। प्रशासन के अनुसार, देवीपाटन मंदिर में महानवमी पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। श्रावस्ती के सोहेलवा और भिनगा, गिलौला , इकौना क्षेत्र में परंपरागत गत सनातन संस्कृति को मानने वाली और थारू जनजाति की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में देवी गीत गाकर मां की विदाई की तैयारी शुरू कर दी। कई स्थानों पर हवन-पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया।

घर-घर गूंजे देवी मंत्र:

शहरों में भले ही पंडालों में पूजा हो रही हो, लेकिन गांवों में आज भी महानवमी की असली रौनक घरों में दिखती है। श्रावस्ती के गिलौला विकास खंड सुबखा के जय प्रकाश मिश्र बताते हैं, "सुबह चार बजे उठकर हमने जौ के जवारे विसर्जित किए, फिर नौ कन्याओं को बुलाकर भोजन कराया। हमारी दादी कहती थीं, कन्या में ही देवी बसती हैं।" जिलों में प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मंदिरों के बाहर मेला लगा रहा। बच्चों ने खिलौने लिए, तो बड़ों ने देवी की चुनरी और प्रसाद खरीदा। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी।

आज होगा दशहरा, रावण दहन की तैयारी:

महानवमी के साथ ही नौ दिन की तपस्या आज पूर्ण हुई। जगह-जगह दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी शुरू हो गई है। मंगलवार को विजयादशमी पर रावण दहन और दशहरा मेले का आयोजन होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें।

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