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Shravasti News: ऑपरेशन कन्विक्शन में तीन आरोपी दोषी, कोर्ट ने सुनाई सजा और लगाया जुर्माना
Shravasti News: श्रावस्ती में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी कार्रवाई, अपमान और जान से मारने की धमकी देने वाले तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोषी मानकर सजा सुनाई।
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Shravasti News: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत श्रावस्ती पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते अपमानित करने, जान से मारने की धमकी देने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।इस कार्रवाई को श्रावस्ती पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया जा रहा है। अभियान की निगरानी अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र द्वारा की जा रही है।
2008 के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला
मामला थाना गिलौला क्षेत्र से जुड़ा है। यहां पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 574/2008 में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 504, 506 और 427 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप था कि आरोपियों ने वादिनी को अपमानित किया, जान से मारने की धमकी दी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। लंबे समय से चल रहे इस मामले में न्यायालय में सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखा।
तीनों आरोपियों को कोर्ट ने माना दोषी
सोमवार को न्यायालय जेएम श्रावस्ती दिलीप कुमार साहनी ने मामले में फैसला सुनाते हुए तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करार दिया। न्यायालय ने आरोपियों को न्यायालय उठने तक का दंड और प्रत्येक पर 1000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
दोषी पाए गए आरोपियों में शामिल हैं—
कैलाश नाथ पुत्र बहोरी
शिवराम पुत्र हजारीलाल
सदानंद पुत्र सूरज लाल
सभी आरोपी कस्बा और थाना गिलौला, जनपद श्रावस्ती के निवासी हैं।
अपराधियों पर कानून का भय बनाए रखना लक्ष्यपुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने बताया कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत चिन्हित और महत्वपूर्ण मामलों में लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसका उद्देश्य अपराधियों को जल्द सजा दिलाना और पीड़ितों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता है कि मजबूत साक्ष्य और बेहतर पैरवी के माध्यम से अपराधियों के खिलाफ न्यायालय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।


