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Shravasti News: जिले में 'सरस मेला' का भव्य शुभारंभ, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
Shravasti News: श्रावस्ती में तीन दिवसीय 'सरस मेला' का डीएम और सीडीओ ने किया शुभारंभ। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर।
Shravasti News: आत्मनिर्भर भारत और 'लोकल फॉर वोकल' की प्राथमिकता को बढ़ावा देते हुए 'सरस मेला' का भव्य शुभारंभ बुधवार को रामलीला मैदान, ठाकुरद्वारा, भिनगा में किया गया। इस मेले का उद्घाटन डीएम अन्नपूर्णा गर्ग एवं सीडीओ शाहिद अहमद ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। यह त्रिदिवसीय मेला आज से प्रारंभ होकर 06 नवम्बर तक चलेगा। मेले में प्रवेश निःशुल्क है।
मेले में विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए गए, जिनमें स्थानीय प्रसिद्ध उत्पादों जैसे- मिट्टी के बर्तन, हस्तशिल्प, ड्राईफ्रूट्स, पटाखे, खादी वस्त्र, ओडीओपी उत्पाद सहित विभिन्न प्रकार के स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। जिनका जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टालों पर खरीददारी भी की। इस दौरान उन्होंने जनगणना सेल्फी स्टैंड पर सेल्फी भी खिंचवाई।
इस अवसर पर डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन इस मेले के सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। यह मेला केवल खरीद-बिक्री का मंच नहीं है, बल्कि यह हमारे स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और छोटे उद्यमियों की कला और कौशल को सम्मान देने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि दीपावली के इस शुभ अवसर पर स्वदेशी उत्पादों को खरीदकर लाभ उठाएं और जनपद के उत्पाद को पहचान दिलाएं। स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों की गुणवत्ता किसी भी बड़े ब्रांड से कम नहीं है। हमें अपने जिले के हुनर को आगे बढ़ाना है।
सीडीओ शाहिद अहमद ने कहा कि यह आयोजन हमारे छोटे कामगारों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने जिले वासियों से अपील किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर इन स्वदेशी उत्पादों का लाभ उठाएं और अपने जिले को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं ने खादी वस्त्रों, हस्तशिल्प और मिट्टी के बर्तनों की खरीददारी की। बच्चों ने ड्राईफ्रूट्स और खिलौनों के स्टालों पर खूब रुचि दिखाई। दीपावली को लेकर पटाखों के स्टाल पर भी भीड़ देखने को मिली।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद भी मेले का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। महिलाओं ने बताया कि सरस मेला से उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए अच्छा मंच मिला है। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी।मेले में जनगणना को लेकर भी जागरूकता फैलाई जा रही है। जनगणना सेल्फी स्टैंड पर लोग सेल्फी खिंचवा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों को बताया कि 16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 01 दिसंबर से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी प्रशिक्षु दीक्षा अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी रामसमुझ, डीसी एनआरएलएम संदीप कुमार सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधि व जिले के अधिकारीगण मौजूद रहे।जिला प्रशासन ने जिले वासियों से अपील की है कि सरस मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीददारी करें और दीपावली पर स्वदेशी अपनाएं।


