Shravasti News: इकौना डायट में विश्व पृथ्वी दिवस पर भाषण, निबंध प्रतियोगिता आयोजित

Shravasti News: डायट इकौना के छात्र छात्राओं ने 100, 200 और 500 शब्दों में पृथ्वी दिवस पर भाषण और 10 निबंध लेखन किया।

Radheshyam Mishra
Published on: 22 April 2025 8:03 PM IST
Shravasti News: इकौना डायट में विश्व पृथ्वी दिवस पर भाषण, निबंध प्रतियोगिता आयोजित
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इकौना डायट में विश्व पृथ्वी दिवस पर भाषण, निबंध प्रतियोगिता आयोजित   (photo: social media )  

Shravasti News: डायट इकौना में आज पृथ्वी दिवस पर भाषण, निबंध व कलाकृतियों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस दौरान बताया गया कि पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें याद दिलाता है कि हमें अपनी धरती और पर्यावरण की रक्षा करनी है। आज जब प्रदूषण, ग्लोबल वॉर्मिंग और वनों की कटाई जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, तो यह जरूरी है कि हम सतत विकास की ओर कदम बढ़ाएं। इस खास मौके पर भाषण और लोगों से मेल-मिलाप के माध्यम से जागरूकता फैलाना एक सशक्त तरीका है।

ऐसे में डायट इकौना के छात्र छात्राओं ने 100, 200 और 500 शब्दों में पृथ्वी दिवस पर भाषण और 10 निबंध लेखन किया। डायट इकौना की छात्रा सपना पांडेय,दीक्षा चौधरी,पूजा, विवेक कुमार तिवारी ,सचिन देव राना , सभ्यता राणा, अंजली गुप्ता अंशिका शुक्ला,अजय गुप्ता समेत दो दर्जन से ज्यादा विद्यार्थीयों ने निबंध प्रतियोगिता और भाषण में अपने निबंध में लिखा।

प्रिय साथियों व आदरणीय गुरू जनों ...!

पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है। यह एक खास दिन है, जो हमें हमारी धरती की देखभाल करने और पर्यावरण को अपने सर्वोत्तम प्रयासों से बचाने की सीख देता है। प्रदूषण, वनों की कटाई और प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग जैसे कई कारण हमारी धरती के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो पर्यावरण और पृथ्वी की परवाह नहीं करते। हमें पेड़ लगाने चाहिए, आसपास की सफाई रखनी चाहिए और प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करना चाहिए।

डायट प्राचार्य संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आज हम सब एक विशेष अवसर 'पृथ्वी दिवस' को मनाने के लिए एकत्र हुए हैं, जिसे हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन हमें यह याद दिलाने के लिए है कि हमें अपनी धरती को बचाना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखना चाहिए। आज के समय में कई चीजें हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं, जैसे प्रदूषण, प्लास्टिक बैग्स का उपयोग और पेड़ों की कटाई। यह सब तुरंत रोका जाना चाहिए और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

हम छोटे-छोटे कदमों से बड़ा बदलाव ला सकते हैं—जैसे पेड़ लगाना, पानी और बिजली की बचत करना, और प्लास्टिक की जगह पर्यावरण अनुकूल बैग्स का उपयोग करना। यह सभी कदम हमें एक सतत भविष्य की ओर ले जा सकते हैं।डायट प्रवक्ता गिरीश प्रसाद मिश्र ने बताया कि पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है, और हमें इसे प्यार और देखभाल के साथ संभालना चाहिए। अब समय आ गया है कि हम इसके प्रति लोगों को जागरूक करें और ज़रूरी कदम उठाएं।इस दिन, आइए हम सब मिलकर एक संकल्प लें कि हम एक स्वच्छ और हरित पृथ्वी की दिशा में काम करेंगे।प्रवक्ता विनीत कुमार सिंह ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है। यह हमें जीने के लिए आवश्यक सभी चीजें प्रदान करती है—जैसे हवा, पानी, भोजन, वनस्पति, और जीव-जंतु। लेकिन आधुनिक जीवनशैली और मानव की लालसा के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

आने वाली पीढ़ियों को एक बंजर और जहरीली धरती मिलेगी

पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, प्रदूषण, प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग और जल स्रोतों का दूषित होना—ये सभी हमारी धरती के लिए खतरा बन चुके हैं। अगर हम अब भी नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक बंजर और जहरीली धरती मिलेगी। प्रवक्ता अमित कुमार पाठक ने कहा कि पृथ्वी दिवस मनाने का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाना और व्यवहार में बदलाव लाना है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम बिजली और पानी की बर्बादी नहीं करेंगे।अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे।सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करेंगे।हर संभव प्रयास करेंगे कि पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित रखा जाए।कहा कि पृथ्वी दिवस एक याद है कि धरती हमें सब कुछ देती है, बदले में हम भी उसकी रक्षा करें। प्रवक्ता ओम प्रकाश यादव ने कहा कि पृथ्वी दिवस पर हम मिलकर यह प्रण लें कि हम पर्यावरण की रक्षा करेंगे और धरती मां का सम्मान करेंगे।

प्रवक्ता ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने बताया कि पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है, और हमें इसे प्यार और देखभाल के साथ संभालना चाहिए। अब समय आ गया है कि हम इसके प्रति लोगों को जागरूक करें और ज़रूरी कदम उठाएं।इस दिन, आइए हम सब मिलकर एक संकल्प लें कि हम एक स्वच्छ और हरित पृथ्वी की दिशा में काम करेंगे।वही निबंध में उत्कृष्ट लेखन करने वाली सपना पांडे ,विवेक कुमार तिवारी, सचिन देव राना ,दीक्षा चौधरी ,सभ्यता राणा ,अंजली गुप्ता ,अंशिका शुक्ला की प्राचार्य संतोष कुमार सिंह ने भूरि भूरि प्रशंसा की और कहा की प्रर्यावरण की सुरक्षा केवल भाषण और निबंध और कलाकृतियों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि अगले वर्ष जब आप लोग मनाए तो यह साक्ष्य लेकर मनाएं की धरती को बचाने के लिए हम छात्रों द्वारा यह सार्थक प्रयास किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि आप यह मत माने की आपकी संख्या कम है। श्रावस्ती भगवान बौद्ध की धरती है। भगवान बुद्ध ने पांच भिक्षुओं से बौद्ध धर्म के प्रचार की शूरूआत किया था और एक समय में बौद्ध धर्म प्रचार के मामले में सबसे बड़ा धर्म बन गया था। आवश्यक है कि पुरे मनोयोग से मन लगाकर काम करना। इस लिए संकल्प लें कि आपना वातावरण शुद्ध होना चाहिए और बचाने का कार्य छात्र-छात्राओं से ही होता है। उन्होंने यह भी कहा कि पेड लगाने के साथ संरक्षण करना सबसे ज्यादा जरूरी है।तभी पृथ्वी को बचाया जा सकता है। शुद्ध वातावरण से ही पृथ्वी को बचाया जा सकता है।इस दौरान प्रवक्ता प्रशांत, धर्मेन्द्र समेत छात्र छात्राओं भी मौजूद रहे हैं।

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