नदी बनी खेती की राह में दीवार: धान रोपाई के बीच किसानों की मुश्किल बढ़ी, SDM से नाव की मांग

Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर के बिशुनपुर औरंगाबाद गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने और पुल न होने से किसान अपने खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। धान रोपाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने एसडीएम से तत्काल नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।

Intejar Haider
Published on: 13 July 2026 8:18 PM IST
नदी बनी खेती की राह में दीवार: धान रोपाई के बीच किसानों की मुश्किल बढ़ी,  SDM से नाव की मांग
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Siddharthnagar News: धान की रोपाई के सबसे अहम दौर में इटवा विधानसभा क्षेत्र के बिशुनपुर औरंगाबाद गांव के किसानों के सामने नदी बड़ी बाधा बन गई है। जलस्तर बढ़ने और पुल न होने के कारण किसान अपनी ही कृषि भूमि तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। खेती प्रभावित होने की आशंका के बीच नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने मामले को गंभीर बताते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) डुमरियागंज को पत्र भेजकर तत्काल नाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि राजस्व ग्राम बिशुनपुर औरंगाबाद के अनेक किसानों की कृषि भूमि नदी के दूसरी ओर स्थित है। इन दिनों धान की रोपाई का कार्य पूरे जिले में तेजी से चल रहा है, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों का खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। पुल के अभाव में ग्रामीणों के सामने आवागमन का कोई सुरक्षित और नियमित साधन उपलब्ध नहीं है। पत्र में कहा गया है कि धान की रोपाई का समय सीमित होता है। यदि किसान समय पर खेतों तक नहीं पहुंच सके तो रोपाई प्रभावित होगी, जिससे फसल उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़है

।कता है। इसी वजह से प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है। माता प्रसाद पाण्डेय ने एसडीएम डुमरियागंज से जनहित में बिशुनपुर औरंगाबाद नदी पर तत्काल नाव उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि जब तक स्थायी समाधान के रूप में पुल का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक किसानों की सुविधा के लिए नाव की व्यवस्था आवश्यक है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से नदी पार कर अपने खेतों तक पहुंच सकें।किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का संज्ञान लेकर नाव की व्यवस्था करेगा। इससे धान की रोपाई सहित अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे और किसानों को अनावश्यक परेशानी व आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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वरिष्ठ संवाददाता, सिद्धार्थनगरSiddharthNagarIntezarHaider@newstracksite.vocalwire.com
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