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Siddharthnagar News: हल्लौर में ‘याद-ए-शोहदा’ कॉन्फ्रेंस, ईरान और मानवता पर हुई चर्चा
Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर के हल्लौर में आयोजित याद-ए-शोहदा कॉन्फ्रेंस में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामनेई और शहीद छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने इंसानियत, सच्चाई और जुल्म के खिलाफ संघर्ष पर विचार रखे।
Siddharthnagar News(Photo-Social Media)
Siddharthnagar News: डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित सिविल लाइंस के इमामबाड़ा हुसैनिया अबुतालिब में सोमवार को “याद-ए-शोहदा” कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ईरान से जुड़े घटनाक्रमों, मानवता, शांति और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने विश्व शांति, इंसाफ और मानवाधिकारों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक बना रहा।
कॉन्फ्रेंस की शुरुआत पवित्र कुरान की तिलावत से हुई। इसके बाद मौलाना शहकार हुसैन जैदी, अरबाब फारूकी, मौलाना कल्बे रुशेद, मौलाना यासूब अब्बास, स्वामी सारंग महाराज, मौलाना हसन अकबर, मौलाना कारी सैयद फजलुर्रहमान, हादी अब्बास शाह और रियाज अहमद खान समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने मानवता, न्याय और शांति के संदेश पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्लाह डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा कि दुनिया में इंसाफ, मानवता और सच्चाई की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अत्याचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश समाज को एकजुटता और साहस प्रदान करता है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई के विचारों, सादगीपूर्ण जीवन और सामाजिक संदेशों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अपने संबोधन में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इंसाफ और सत्य के लिए संघर्ष की प्रेरणा आज भी समाज को मार्गदर्शन देती है। कार्यक्रम के दौरान कई लोग भावुक नजर आए।
इस अवसर पर नावेद रिजवी, नफीस हल्लौरी, हसन ताकीब, डॉ. वजाहत, तसकीन, बेताब, आलम हल्लौरी, कसीम रिजवी, खादिम अब्बास, कमाल असगर, जमाल हैदर, काजी अहमद फरीद अब्बासी, काजिम कर्बलाई, इंजीनियर इमरान लतीफ, मोहम्मद हैदर, इकबाल मेहदी, वरिष्ठ पत्रकार हाशिम रिजवी, राहिब, अली मेहदी, शराफत रिजवी और जावेद हयात सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


