Sonbhadra News: आवास के नाम पर वसूली: दुद्धी के गुलालझरिया में रिश्वत मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

Sonbhadra News: दुद्धी के गुलालझरिया गांव में आवास योजना में नाम जोड़ने के बदले पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगा, वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू हुई।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 23 May 2026 7:38 PM IST
Sonbhadra News: आवास के नाम पर वसूली: दुद्धी के गुलालझरिया में रिश्वत मांगने का आरोप, वीडियो वायरल
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Sonbhadra News: सोनभद्र। गरीबों के सिर पर छत देने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना अब दुद्धी ब्लॉक के गुलालझरिया गांव में सवालों के घेरे में आ गई है। गांव में आवास दिलाने के नाम पर कथित तौर पर खुलेआम पैसे मांगने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। आरोप है कि पात्रता सूची में नाम शामिल कराने और आवास स्वीकृत कराने के बदले ग्रामीणों से पांच हजार रुपये तक की मांग की जा रही है। मामला उजागर होते ही क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

जानकारी के मुताबिक दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में इन दिनों चौपालों के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रारंभिक सूची ग्रामीणों के सामने रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह केवल सर्वे का प्रारूप है और अंतिम आवंटन दोबारा सत्यापन एवं सर्वे के बाद ही किया जाएगा। लेकिन इसी प्रक्रिया के बीच गांव में कथित रिश्वतखोरी शुरू होने के आरोपों ने पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग

समाजवादी पार्टी छात्रसभा के दुद्धी विधानसभा अध्यक्ष अजय यादव ने इस मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने उपजिलाधिकारी दुद्धी और खंड विकास अधिकारी को अलग-अलग ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम प्रधान त्रिभुवन यादव के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। अजय यादव का आरोप है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों से आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रकम वसूली जा रही है। उनका कहना है कि एक पात्र ग्रामीण से योजना में नाम जोड़ने और आवास पास कराने के एवज में पांच हजार रुपये मांगे गए। जब संबंधित व्यक्ति ने पैसे देने से इनकार किया तो उस पर लगातार दबाव बनाया गया।


मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है जब आरोपों के साथ वीडियो साक्ष्य होने की बात सामने आई। अजय यादव का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौजूद है, जिसमें कथित तौर पर पैसे मांगने की बातचीत साफ सुनाई दे रही है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से वीडियो की जांच कराए तो पूरा सच सामने आ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और दोषियों पर उदाहरणात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।



ग्रामीणों में नाराजगी

गांव में यह मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि ईमानदारी से जांच कराई जाए तो आवास योजनाओं में गड़बड़ी और वसूली के कई और मामले उजागर हो सकते हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए गरीबों को अब रिश्वत की चौखट पर क्यों धकेला जा रहा है।


वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की बात कही है। खंड विकास अधिकारी दुद्धी राम विशाल चौरसिया ने स्वीकार किया कि प्रधान द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिली है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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Experienced Hindi Journalist with 6 Years of Experience

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