Sonbhadra News: आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों का भंडाफोड़, अस्पताल के मरीजों से वसूली, कार्रवाई तय

Sonbhadra News: सोनभद्र के पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलीं, मरीजों से वसूली के आरोपों पर डी-एम्पैनलमेंट का खतरा मंडराया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 14 Jun 2026 10:32 PM IST (Updated on: 14 Jun 2026 10:41 PM IST)
Ayushman Yojana exposes flaws, recovery from hospital patients, action taken
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आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों का भंडाफोड़, अस्पताल के मरीजों से वसूली, कार्रवाई तय (Photo- Social Media)

Sonbhadra News: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की औचक जांच में अस्पताल की कार्यप्रणाली में ऐसी खामियां उजागर हुई हैं, जिन्होंने न केवल योजना की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, बल्कि गरीब मरीजों को मिलने वाली निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को तीन कार्यदिवस के भीतर जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी किया है।

मानकों की उड़ाई गई धज्जियां, रिकॉर्ड भी मिले अधूरे :

आठ जून 2026 को नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत डां. कीर्ति आजाद बिंद एवं डीआईयू टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में अस्पताल की कई व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। जांच टीम ने पाया कि अस्पताल परिसर में आयुष्मान हेल्प डेस्क संबंधी जानकारी तथा शिकायत निवारण तंत्र का कोई स्पष्ट प्रदर्शन नहीं था। इतना ही नहीं, लाभार्थियों के अभिलेखों के रख-रखाव में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रजिस्टर और दस्तावेज अधूरे पाए गए, जिससे योजना के संचालन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बिना अनुमति इलाज का दावा, विशेषज्ञ चिकित्सक नदारद

निरीक्षण के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अस्पताल जिन चिकित्सा विभागों में इलाज का दावा कर रहा था, उनके संचालन के लिए आवश्यक अनुमतियां उपलब्ध नहीं मिलीं। टीम के पहुंचने पर संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक भी अस्पताल में मौजूद नहीं पाए गए।

रिपोर्ट के अनुसार निरीक्षण के समय केवल एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित थीं। वहीं आईसीयू और जनरल वार्ड में बीएएमएस चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया जाना पाया गया। इसके अतिरिक्त अस्पताल में पंजीकृत ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में अब तक किसी आयुष्मान लाभार्थी के उपचार का रिकॉर्ड भी नहीं मिला।

मरीजों का आरोप- मुफ्त इलाज की जगह ली गई रकम

निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत में भी गंभीर आरोप सामने आए। दो महिला लाभार्थियों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर उनसे क्रमशः चार हजार और पांच हजार रुपये वसूल लिए।

संबंधित अधिकारियों का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध जांच और उपचार पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। ऐसे में धन वसूली के आरोप सही पाए जाने पर यह योजना के नियमों का खुला उल्लंघन माना जाएगा।

विभाग सख्त, पैनल से बाहर होने का खतरा

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन से सभी बिंदुओं पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत सभी चिकित्सा विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला या कमियां दूर नहीं की गईं, तो अस्पताल के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से हटाने यानी डी-एम्पैनलमेंट की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।

अन्य अस्पतालों पर भी कस सकता है शिकंजा

स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं मानी जा रही। माना जा रहा है कि जिले के अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों की भी जल्द जांच हो सकती है। जिससे आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।

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