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Sonbhadra News: रंगों में दिखा बच्चों का विकसित भारत का सपना, DM ने थामी कूची तो खिल उठे नौनिहाल
Sonbhadra News: सोनभद्र में ‘मेरे सपनों का भारत’ कला प्रतियोगिता में बच्चों ने स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण और देश की प्रगति को चित्रों में उकेरा, डीएम ने भी भरे रंग।
रंगों में दिखा बच्चों का विकसित भारत का सपना, DM ने थामी कूची तो खिल उठे नौनिहाल (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय रॉबर्ट्सगंज में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच मिला। ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित कला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों और कल्पना के जरिए अपने सपनों के भारत की तस्वीर कागज पर उतारी। किसी चित्र में विकसित भारत की झलक दिखी तो किसी में स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण, आत्मनिर्भरता और देश की प्रगति को प्रमुखता दी गई।
प्रतियोगिता के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ विद्यालय पहुंचे तो बच्चों का उत्साह देखते ही बना। उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर उनकी बनाई पेंटिंग को करीब से देखा और उनके विचारों को समझने का प्रयास किया। बच्चों की कल्पनाशीलता की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें पढ़ाई के साथ कला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
बच्चों के बीच बैठकर जिलाधिकारी ने भरे चित्र में रंग
बच्चों के साथ संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं रंग और ब्रश उठाया। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर चित्र में रंग भरे और उनकी कला को प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी को अपने बीच कलाकार की भूमिका में देखकर विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में देश के भविष्य को लेकर जो कल्पनाएं हैं, उन्हें अभिव्यक्ति का अवसर मिलना जरूरी है। चित्रकला जैसी गतिविधियां बच्चों की सोच को विस्तार देने के साथ उनकी सृजनात्मक क्षमता को भी मजबूत करती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों की पेंटिंग देखने के दौरान उनके बनाए चित्रों के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने अपने-अपने चित्रों के माध्यम से बताया कि वे भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि रचनात्मक सोच ही आगे चलकर नई संभावनाओं के रास्ते खोलती है। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मिड-डे-मील की व्यवस्था भी परखी
विद्यालय भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल कला प्रतियोगिता तक ही सीमित न रहते हुए विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मिड-डे-मील का निरीक्षण किया और भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया।
जिलाधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास पर भी बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कला प्रतियोगिता ने विद्यालय परिसर में बच्चों की रचनात्मक ऊर्जा को नई दिशा दी और उनके चित्रों में उभरती भारत की कल्पना ने आयोजन को खास बना दिया।


