Sonbhadra News: पिछड़ेपन से प्रगति के शिखर तक, विकास प्रदर्शनी में दिखी बदलते सोनभद्र की नई तस्वीर

Sonbhadra News: सोनभद्र में आयोजित विकास प्रदर्शनी में जिले की बदलती तस्वीर दिखाई गई। पिछड़ेपन से प्रगति की ओर बढ़ते सोनभद्र की विकास यात्रा, सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शनी में प्रमुखता से दर्शाया गया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 17 Jun 2026 6:15 PM IST
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Sonbhadra News(Photo-Social Media)

Sonbhadra News: कभी प्रदेश के पिछड़े जनपदों में गिने जाने वाला सोनभद्र जनपद आज विकास, तकनीक और आत्मनिर्भरता की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित चार दिवसीय विकास प्रदर्शनी ने इस बदलती तस्वीर को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल सरकारी उपलब्धियों का प्रदर्शन बनी, बल्कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को भी मजबूत करती नजर आई। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों में सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों, औद्योगिक विकास और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, जिसने लोगों को विकास की नई दिशा से रूबरू कराया।

राज्य मंत्री ने किया शुभारंभ

बुधवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, विधायक भूपेश चौबे, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि सोनभद्र ने ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं ने जनपद को विकास की नई दिशा प्रदान की है, जिससे यह प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान बना रहा है।

योगी सरकार की नीतियों से मिली नई गति

राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत आधारभूत ढांचा और निवेश के अनुकूल वातावरण ने औद्योगिक विकास को नई गति दी है। इसका सीधा लाभ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के रूप में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को सरकार की उपलब्धियों, विकास परियोजनाओं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है।

विकास यात्रा का प्रतिबिंब है प्रदर्शनी

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सोनभद्र की परिवर्तनकारी विकास यात्रा का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में जनपद ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने युवाओं से तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

ड्रोन, रोबोट और एआई ने बढ़ाया आकर्षण

प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों ने सबसे अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यहां ड्रोन तकनीक, थ्री-डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ब्लूटूथ नियंत्रित वाहन, लाइन फॉलोइंग रोबोट और औद्योगिक ऑटोमेशन आधारित मॉडल प्रदर्शित किए गए। इन तकनीकी प्रदर्शनों ने विद्यार्थियों और युवाओं को भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया और यह संदेश दिया कि नया भारत तकनीक के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है।

स्मार्ट खेती की तकनीकों की दी गई जानकारी

कृषि क्षेत्र में भी आधुनिक तकनीक को प्रमुखता दी गई। किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सर्वेक्षण, कीटनाशक छिड़काव और आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक आधारित खेती से उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत को भी कम किया जा सकता है।

औद्योगिक ताकत का हुआ प्रदर्शन

प्रदर्शनी में एनसीएल, आवादा ग्रुप, अदाणी समूह, हिंडालको, ओबरा तापीय परियोजना और अल्ट्राटेक जैसी प्रमुख औद्योगिक इकाइयों ने अपनी परियोजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचाना जाने वाला सोनभद्र प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

अटल टिंकरिंग लैब बनी केंद्र बिंदु

माध्यमिक शिक्षा विभाग की अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों द्वारा तैयार नवाचार आधारित मॉडल और तकनीकी परियोजनाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। इन मॉडलों ने यह साबित किया कि सरकारी विद्यालय अब केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार और शोध के नए मंच के रूप में भी विकसित हो रहे हैं। चार दिवसीय यह विकास प्रदर्शनी विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के सपनों को साकार करने की दिशा में बढ़ते सोनभद्र की नई उड़ान का प्रतीक बनकर उभरी है। जनभागीदारी, तकनीक और विकास का यह संगम आने वाले वर्षों में जनपद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की मजबूत नींव साबित हो सकता है।

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