Sonbhadra News: PSP कंपनियों को डीएम की दो टूक, सिर्फ परियोजना नहीं, गांवों का भी बदलना होगा चेहरा

Sonbhadra News: सोनभद्र में प्रस्तावित पीएसपी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने कंपनियों को सीएसआर कार्ययोजना एक सप्ताह में देने, गांवों के विकास और हरित अभियान में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 3 July 2026 10:26 PM IST
Two touches of DM to PSP companies, will change the face of not only projects, but also of villages
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PSP कंपनियों को डीएम की दो टूक, सिर्फ परियोजना नहीं, गांवों का भी बदलना होगा चेहरा (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र जिले में प्रस्तावित पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) को लेकर प्रशासन अब केवल निवेश और निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहता। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने साफ शब्दों में कहा कि परियोजनाओं के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी कंपनियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पीएसपी कंपनियां एक सप्ताह के भीतर सीएसआर मद से कराए जाने वाले विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के तहत प्रस्तावित सभी पीएसपी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

गांवों को विकास का सीधा लाभ मिले

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, वहां के ग्रामीणों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने परियोजना क्षेत्रों से जुड़े गांवों के विद्यालयों के कायाकल्प, संपर्क मार्गों की मरम्मत, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि उद्योग तभी सार्थक होंगे, जब स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी स्पष्ट बदलाव दिखाई दे।

एक सप्ताह में दें सीएसआर की कार्ययोजना

जिलाधिकारी ने सभी कंपनियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सीएसआर मद से कराए जाने वाले विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि समयबद्ध ढंग से धरातल पर भी दिखाई दें।

हरित सोनभद्र अभियान में निभाएं अग्रणी भूमिका

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी जिलाधिकारी ने कंपनियों को गंभीर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और बंजर क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाए तथा बीज बॉल (सीड बॉल) तकनीक का व्यापक उपयोग कर हरियाली बढ़ाई जाए। लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वृक्षारोपण को जनभागीदारी से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी कंपनियां "हरित सोनभद्र" के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

परियोजनाओं की प्रगति पर भी हुई समीक्षा

बैठक के दौरान विभिन्न पीएसपी परियोजनाओं की प्रगति, निवेश, निर्माण कार्य और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने तथा विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वागीश कुमार शुक्ल, जीएम डीआईसी विनोद कुमार चौधरी, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, उद्यम मित्र नितिन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न पीएसपी कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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