Sonbhadra News: खेती की तस्वीर बदलने की तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने के लिए डीएम ने बनाई नई रणनीति

Sonbhadra News: सोनभद्र में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए डीएम ने नई रणनीति तैयार की है। उन्नत तकनीक, फसल विविधीकरण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 17 July 2026 6:50 PM IST
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Sonbhadra News(Photo-Social Media)

Sonbhadra News: जिले में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की कवायद तेज हो गई है। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में मिशन फॉर आत्मनिर्भरता पल्सेस एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2026-27 की कृषि विकास कार्ययोजना को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचना चाहिए और खेती को लाभकारी बनाने के लिए प्राकृतिक खेती, मिलेट्स, दलहन उत्पादन तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को प्राथमिकता दी जाए।

वर्षभर की योजनाओं पर बनी रणनीति

बैठक में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, न्यूट्रीसीरियल्स (मिलेट्स), कोर्स सीरियल्स, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग, कृषि यंत्रीकरण तथा उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम सहित कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उप कृषि निदेशक राज कुमार ने वर्ष 2025-26 की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना रखी, जिसे समिति ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी।

प्राकृतिक खेती और दलहन उत्पादन पर रहेगा विशेष जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि खेती को टिकाऊ और कम लागत वाली बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम और दलहन उत्पादन को प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाया जाए। अरहर सहित अन्य फसलों के प्रदर्शन में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए तथा रासायनिक उर्वरकों का संतुलित और न्यूनतम प्रयोग सुनिश्चित कराया जाए, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहे और उत्पादन में वृद्धि हो।

प्रशिक्षण से किसानों को मिलेगी नई तकनीक की जानकारी

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कृषि गोष्ठियां, किसान मेले और अध्ययन भ्रमण पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाएं। आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।

एफपीओ को मजबूत कर बढ़ेगी किसानों की आमदनी

जिलाधिकारी ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को एफपीओ से जोड़ने से उन्हें बेहतर बाजार, तकनीकी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। एफपीओ प्रतिनिधियों को नियमित प्रशिक्षण देने और विभागीय कार्यक्रमों में प्राथमिकता से शामिल करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संगठन अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

अधिकारी, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सहायक निदेशक रेशम, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. टी.डी. मिश्रा, प्रगतिशील कृषक, एफपीओ प्रतिनिधि, बनवासी सेवाश्रम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।

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