Sonbhadra News: फरियादियों को भटकाया तो नपेंगे अफसर, IGRS और राजस्व मामलों पर DM का सख्त फरमान

Sonbhadra News: आईजीआरएस शिकायतों और लंबित राजस्व वादों की समीक्षा में डीएम ने अधिकारियों को चेताया, समयबद्ध निस्तारण नहीं होने पर तय होगी जवाबदेही।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 18 Jun 2026 7:14 PM IST
DMs strict order on IGRS and revenue matters
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फरियादियों को भटकाया तो नपेंगे अफसर, IGRS और राजस्व मामलों पर DM का सख्त फरमान (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और राजस्व मामलों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी का कड़ा रुख देखने को मिला। आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ना चाहिए। अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तहसील मुख्यालय पर बैठकर जनसुनवाई करें तथा प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराया जाए, ताकि उसकी नियमित निगरानी हो सके और निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

तहसील की समस्या तहसील में, ब्लॉक की समस्या ब्लॉक में ही सुलझे

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही होना चाहिए। तहसील से जुड़े मामलों का निस्तारण तहसील स्तर पर और ब्लॉक से जुड़े मामलों का निस्तारण ब्लॉक स्तर पर ही प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इससे आम लोगों को जिला मुख्यालय या अन्य कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे ब्लॉक मुख्यालय पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि जनता को अधिकतम राहत स्थानीय स्तर पर मिले।

जन शिकायतों में नहीं चलेगी खानापूर्ति

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता पूरी करना पर्याप्त नहीं है। निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और प्रत्येक मामले का समाधान निष्पक्षता तथा पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को हल्के में लेने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

1076 लंबित राजस्व वादों पर डीएम नाराज

आईजीआरएस समीक्षा के साथ ही जिलाधिकारी ने 17 जून से 23 जून 2026 तक चल रहे विशेष राजस्व निस्तारण अभियान की भी समीक्षा की। अभियान के तहत कुर्रा बंटवारा (धारा-116), नामांतरण (धारा-34), पैमाइश (धारा-24), मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना तथा स्वामित्व/घरौनी योजना से संबंधित प्रकरणों की स्थिति पर चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुल 1076 लंबित राजस्व वादों के सापेक्ष अब तक मात्र 170 वादों का निस्तारण किया गया है। इस धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की और अभियान की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए।

समय सीमा में निस्तारण नहीं हुआ तो तय होगी जवाबदेही

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि विशेष अभियान का उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित समाधान करना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान से जुड़े सभी लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करते रहें।

उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता को त्वरित न्याय और राहत उपलब्ध कराना है। शिकायतों और राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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