Sonbhadra News: स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त डीएम, घरों में होने वाली डिलीवरी की भी होगी ट्रैकिंग

Sonbhadra News: सोनभद्र में डीएम चर्चित गौड़ ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर घरों में होने वाली डिलीवरी ट्रैक करने और कुपोषित बच्चों को एनआरसी भेजने के निर्देश दिए।

Mithilesh Dev Pandey
Published on: 14 May 2026 8:25 PM IST
Strict DM on health system, tracking of deliveries to households will also take place
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स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त डीएम, घरों में होने वाली डिलीवरी की भी होगी ट्रैकिंग (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र।जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज विभाग, नगर पालिका और नगर पंचायत के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

हर गर्भवती महिला पर रहेगी स्वास्थ्य विभाग की नजर

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि जनपद में होने वाली सभी डिलीवरी की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि प्रसव सरकारी अस्पतालों में हो रहे हैं, निजी अस्पतालों में या फिर घरों पर।


उन्होंने आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का पूरा विवरण संकलित कर नियमित संपर्क बनाए रखें तथा उसकी रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घरों में होने वाले प्रसव पर भी बनेगी रिपोर्ट

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों और निजी चिकित्सालयों के अतिरिक्त घरों में होने वाली डिलीवरी की भी अलग से ट्रैकिंग की जाए। इसके लिए संबंधित एमवाईसी को रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाएं समय से पहुंचनी चाहिए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

सैम-मैम बच्चों को तुरंत एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश

बैठक में कुपोषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि सैम और मैम श्रेणी के अत्यधिक कमजोर बच्चों को तत्काल एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक बच्चों की स्थिति पूरी तरह सामान्य न हो जाए, तब तक उन्हें एनआरसी सेंटर में ही रखा जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता पर जवाबदेही तय की जाएगी।


स्वास्थ्य केंद्रों की साफ-सफाई पर भी सख्ती

जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य इकाइयों में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को तत्काल सूचना देकर दोषी कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

उन्होंने एएनसी पंजीकरण और संस्थागत प्रसव के लक्ष्य की समीक्षा आशा और एएनएम स्तर पर करने तथा स्थिति में सुधार लाने पर जोर दिया।

मातृ एवं शिशु मृत्यु की हर महीने होगी ऑडिट

बैठक में निर्देश दिया गया कि प्रत्येक माह होने वाली मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु की ऑडिट कर लाइन लिस्ट सहित रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए।

डीपीओ आईसीडीएस को निर्देशित किया गया कि ब्लॉक स्तर पर सैम बच्चों की सूची संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ साझा की जाए और बच्चों का उचित चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए सीएचओ के माध्यम से ई-कवच पोर्टल पर अपलोड कराया जाए।

इसके अलावा आरबीएसके टीम को नियमित रूप से आशा और आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज कुमार राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

Shashi kant gautam

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